पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ को दिल्ली एम्स में कराया गया भर्ती; 10 जनवरी को वॉशरूम में दो बार हो गए थे बेहोश
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 12, 2026, 08:12 PM IST
पूर् उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पहले भी कई बार बेहोश हो चुके हैं, जिनमें कच्छ का रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली की घटनाएं शामिल हैं जहां वह उपराष्ट्रपति के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में गए थे। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था।
दिल्ली एम्स में भर्ती कराए गए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़।
पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ को दिल्ली एम्स में कराया गया भर्ती; 10 जनवरी को बाथरूम में दो बार हो गए थे बेहोशपूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को आज राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। एम्स के डॉक्टरों ने इस बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पिछले सप्ताह दो बार बेहोश हो गए थे। जिसके बाद उन्हें यहां भर्ती कराया गया है।
वॉशरूम में हो गए थे बेहोश
अधिकारियों ने बताया कि 10 जनवरी को धनखड़ को ‘वॉशरूम’ में दो बार बेहोशी का दौरा पड़ा था। आज उन्हें एम्स ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें जांच के लिए भर्ती करने की सलाह दी। अब यहां उनके एमआरआई समेत अन्य स्वास्थ्य परीक्षण किए जाएंगे।
पहले भी कई बार हो चुका है ऐसा
धनखड़ पहले भी कई बार बेहोश हो चुके हैं, जिनमें कच्छ का रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली की घटनाएं शामिल हैं जहां वह उपराष्ट्रपति के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में गए थे।बीते साल दे दिया था पद से इस्तीफा
पिछले वर्ष 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने औपचारिक पत्र में लिखा था कि वह अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं और चिकित्सकों की सलाह का पालन करते हुए संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत पद छोड़ रहे हैं।
साधारण किसान परिवार से आते हैं जगदीप धनखड़
राजस्थान के निवासी जगदीप धनखड़ एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और जाट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उनका पेशेवर जीवन वकालत से शुरू हुआ। उन्होंने सतलुज नदी जल विवाद जैसे अहम मामलों में हरियाणा सहित कई राज्यों का प्रतिनिधित्व किया और राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। राजनीति में कदम रखते हुए धनखड़ ने 1989 में झुंझुनू से लोकसभा चुनाव जीतकर संसदीय यात्रा की शुरुआत की। 1990 में चंद्रशेखर सरकार के दौरान उन्हें संसदीय कार्य राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 1993 से 1998 तक वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य भी रहे। 2019 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल नियुक्त किए जाने से लेकर 2022 में देश के उपराष्ट्रपति बनने तक, धनखड़ ने विभिन्न संवैधानिक पदों पर सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभाई।
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