तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के.चंद्रशेखर राव (केसीआर) की फोन टैपिंग मामले में मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। इसी मामले में रविवार को कथित फोन टैपिंग मामले में तेलंगाना पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उनके हैदराबाद स्थित आवास पर पूछताछ की। यह पूछताछ करीब पांच घंटे तक चली। एसआईटी के अधिकारियों की एक टीम ने केसीआर से बीआरएस सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित अवैध फोन टैपिंग से जुड़े मामले में सवाल किए। पूछताछ पूरी होने के बाद केसीआर अपने बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) और अन्य पार्टी नेताओं के साथ बाहर आए और बड़ी संख्या में जमा पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों से मुलाकात की।
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त ने दी जानकारी
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि विशेष जांच दल ने गजवेल विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव से अवैध फोन टैपिंग मामले में पूछताछ पूरी कर ली है।
यहां की एसआईटी ने पूछताछ
पूछताछ से कुछ घंटे पहले केसीआर हैदराबाद से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित एर्रावली गांव में अपने फार्महाउस से निकलकर नंदी नगर स्थित अपने आवास पहुंचे थे, जहां एसआईटी ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान उनके घर के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और आवास की ओर जाने वाली सड़क पर बैरिकेड्स लगाए गए।
केटी रामाराव ने मामले को बताया बेबुनियाद
पूछताछ के बाद पत्रकारों से बातचीत में केटी रामाराव ने इस मामले को “बेबुनियाद” बताते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। केटीआर ने कहा, “मुझे नहीं पता कि एसआईटी ने उनसे क्या पूछा। संभव है वही सवाल पूछे गए हों, जो हमसे पहले पूछे जा चुके हैं।”
इससे पहले शनिवार को केसीआर ने एसआईटी को सूचित किया था कि वह 1 फरवरी को नंदी नगर स्थित अपने आवास पर पूछताछ के लिए उपलब्ध रहेंगे। साथ ही उन्होंने जांच अधिकारी पर नोटिस जारी करने में कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन का आरोप भी लगाया था। हाल के दिनों में केसीआर और एसआईटी के बीच पूछताछ की तारीख और स्थान को लेकर कानूनी बहस चल रही थी।
केसीआर से पूछताछ के विरोध में रविवार को बीआरएस कार्यकर्ताओं ने पूरे तेलंगाना में प्रदर्शन किए। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक बदले की भावना से उनके नेता को परेशान कर रही है। वहीं, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने केसीआर से पूछताछ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार बदले की राजनीति में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और पारदर्शी शासन देना ही उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला बीआरएस सरकार के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर कथित अवैध और अनधिकृत फोन निगरानी से जुड़ा है, जिसमें नेताओं, कारोबारियों, पत्रकारों, न्यायपालिका से जुड़े लोगों और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के फोन टैप किए जाने के आरोप हैं। इस मामले में पहले ही बीआरएस नेता केटी रामाराव, टी. हरीश राव और जे. संतोष कुमार एसआईटी के सामने पेश हो चुके हैं। इसके अलावा, तत्कालीन तेलंगाना खुफिया विभाग के प्रमुख टी. प्रभाकर राव से भी पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है और पहले ही कुछ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
