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चंपई सोरेन को हेमंत सरकार में मिली अहम जिम्मेदारी, इन 11 मंत्रियों ने ली शपथ; देख लें लिस्ट

Jharkhand Ministers List: हेमंत सोरेन की सरकार में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने मंत्री पद की शपथ ली है। उनके अलावा 10 अन्य ने मंत्रियों ने सोमवार को पद की शपथ ली। 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल में नये चेहरों में किस-किसको शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट में मंत्रियों की पूरी लिस्ट देखें।

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झारखंड सरकार के मंत्रियों की सूची।

Jharkhand News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत गठबंधन के 10 अन्य नेताओं ने सोमवार को राज्य की हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। चार जुलाई को झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से एक दिन पहले तीन जुलाई को चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

11 नेताओं ने झारखंड के मंत्री पद की ली शपथ

झारखंड के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो नीत गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में राजभवन में आयोजित एक समारोह में 11 नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी।

क्रमांकनामपार्टी
1इरफान अंसारीकांग्रेस
2दीपिका पांडेय सिंहकांग्रेस
3रामेश्वर उरांवकांग्रेस
4बन्ना गुप्ता कांग्रेस
5चंपई सोरेनझामुमो
6बैद्यनाथ रामझामुमो
7मिथिलेश कुमार ठाकुरझामुमो
8हफीजुल हसनझामुमो
9दीपक बिरुआझामुमो
10बेबी देवीझामुमो
11सत्यानंद भोक्ताराजद

बैद्यनाथ को मंत्रिमंडल में मिली जगह

मुख्यमंत्री समेत 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल में नये चेहरों में कांग्रेस के जामताड़ा से विधायक इरफान अंसारी, महागामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह और झामुमो के लातेहार से विधायक बैद्यनाथ राम शामिल हैं। राज्य की पूर्ववर्ती चंपई सोरेन मंत्रिमंडल में मंत्रियों की सूची से आखिरी समय में राम का नाम हटा दिया गया था, जिसे उन्होंने "अपमान" करार दिया था।

विधानसभा में हासिल किया विश्वास मत

जिन व्यक्तियों को मंत्री पद पर बरकरार रखा गया है, उनमें कांग्रेस के रामेश्वर उरांव और बन्ना गुप्ता के अलावा झामुमो के मिथिलेश कुमार ठाकुर, हफीजुल हसन, दीपक बिरुआ और बेबी देवी तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सत्यानंद भोक्ता शामिल हैं। इससे पहले दिन में हेमंत सोरेन नीत सरकार ने विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बीच विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया।

हेमंत सोरेन को 28 जून को कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद जेल से रिहा किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 31 जनवरी को गिरफ्तारी से कुछ समय पहले ही सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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