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जानलेवा कोहरा:4 साल में 48 हजार की मौत,एक लाख घायल,जानें कैसे बन जाता है खतरनाक

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Dec 20, 2022, 05:17 PM IST

Road Accidents Due to Fog In India: अगले 2-3 दिनों तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाया रहेगा। जबकि हिमाचल प्रदेश में अगले 5 दिनों तक वहीं बिहार, उत्तर-पश्चिम राजस्थान में अगले 2 दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। हर साल औसतन 10 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

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कोहरे से हादसों का खतरा बढ़ा

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • चार साल में 48 हजार लोग जान गंवा चुके हैं।
  • करीब एक लाख लोग घायल हो चुके हैं।
  • सर्दियों के सीजन उत्तर भारत के अधिकांश इलाके कोहरे से ढक जाते हैं।

Road Accidents Due to Fog In India: उत्तर भारत में इस सीजन के पहले दिन (सोमवार) कोहरे ने 11 लोगों को जान ले ली है। इसी कोहरा का ही सितम था कि हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की कार मंगलवार तड़के पुलिस जीप से टकरा गई। हालांकि उन्हें चोटें नहीं आई। लेकिन पहले ही दिन जिस तरह हादसे हुए, उसे देखते हुए आने वाले दिनों में घने कोहरे की चादर छाने से हादसों का खतरा और बढ़ने की आशंका है। भारत में औसतन हर साल 27 हजार से 30 हजार सड़क हादसे कोहरे की वजह से होते हैं। और 10 हजार से ज्यादा लोगों को केवल कोहरे की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ती है।

मौसम विभाग का रेड अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मंगलवार को जारी सूचना के अनुसार, अगले 2-3 दिनों तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाया रहेगा। जबकि हिमाचल प्रदेश में अगले 5 दिनों तक वहीं बिहार, उत्तर-पश्चिम राजस्थान में अगले 2 दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। IMD के अनुमान से साफ है कि घने कोहरे की वजह ट्रेन, हवाई यात्रा के साथ- साथ सड़क यात्रा में लोगों को परेशानी होगी।

चार साल में 1.15 लाख से ज्यादा हादसे

भारत में कोहरे में ड्राइविंग करना कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2017 से 2020 में केवल सड़क हादसों में 48 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई है। और इस दौरान 1.15 लाख से ज्यादा हादसे कोहरे की वजह से हुए हैं।

सालहादसेमौतेंघायल
202026,54112,08423,111
201933,60213,40530,776
201828,02611,84125,265
201726,98211,09024,828
कुल1,15,15148,4201,03,980

स्रोत: MORTH

कैसे कोहरा बना जाता है खतरनाक
कोहरे का प्रकारविजिबिलिटी (दृश्यता)
हल्का घना500 मीटर से ज्यादा
औसत घना200 मीटर तक
घना50 मीटर
बेहद घना50 मीटर से कम
स्रोत: IMD

जब आर्द्रता (Humidity) 100 फीसदी हो जाती है। उस समय हवा में जलवाष्प की मात्रा स्थिर हो जाती है।और अतिरिक्त जलवाष्प संघनित होकर छोटी पानी की बूंदे वायुमंडल में कोहरे के रूप में फैल जाती हैं। और कोहरा वायुमंडल में जमीन की सतह से थोड़ा ऊपर ही चादर के रूप में फैल जाता है। आईएमडी ने विजिबिलिटी के आधार पर कोहरे को चार कैटेगरी में बांटा है। इसके तहत जितनी कम दूरी तक विजिबिलिटी रहेगी, कोहरा उतना ही घना होगा।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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