Assam Flood: असम में बाढ़ से हालात गंभीर है। लाखों की संख्या में लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है। 20 जिलों के लगभग 1.20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार असम, अन्य पड़ोसी राज्यों और पड़ोसी देश भूटान में मूसलाधार बारिश के बाद कई नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है और नए इलाकों में बाढ़ आ गई है। बेकी नदी का जल स्तर रोड ब्रिज, एनटी रोड क्रॉसिंग पर पगलाडिया और एनएच रोड क्रॉसिंग पर पुथिमारी नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
ये जिले अधिक प्रभावित
बजाली, बक्सा, बारपेटा, बिस्वनाथ, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, नागांव, नलबाड़ी, सोनितपुर, तामुलपुर, उदलगुरी जिलों के 45 राजस्व गांवों के अंतर्गत 780 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और बजाली, दरांग, कामरूप (मेट्रो), कोकराझार और नलबाड़ी जिलों में शहरी बाढ़ की भी सूचना मिली है।
अगले दो दिन भारी बारिश का अनुमान
एएसडीएमए बाढ़ रिपोर्ट में कहा गया है। अकेले नलबाड़ी जिले में 44707 लोग प्रभावित हुए हैं। बक्सा में 26571,लखीमपुर में 25096, तामुलपुर में 15610, बारपेटा जिले में 3840 प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन ने 14 राहत शिविर और 17 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं और कुल 2091 लोगों ने बक्सा, धुबरी, कोकराझार, नलबाड़ी और तामुलपुर जिलों में राहत शिविरों में शरण ली है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले कुछ दिनों में कई जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है।अगले दो दिनों के दौरान बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्व भारत तक तेज़ निचले स्तर की दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण नमी का प्रवेश जारी रहने की संभावना है।आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने कहा कि इसके प्रभाव की वजह से अगले दो दिनों के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश या बिजली के साथ गरज के साथ भारी बारिश की संभावना है और उसके बाद धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
