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कौन होगा BJP का राष्ट्रीय अध्यक्ष? पहली बार किसी महिला को मिल सकती है कमान, लिस्ट में ये नाम सबसे आगे

New BJP President: भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष को नामित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सहमति महत्वपूर्ण होगी। कहा जा रहा है कि पहली बार किसी महिला को पार्टी की कमान सौंपने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, ओबीसी समुदाय वाले नेता को भी यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

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कौन होगा भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष?

Photo : PTI

New BJP President: भारतीय जनता पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा? लोकसभा चुनाव के बाद से यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है। दरअसल, जेपी नड्डा का कार्यकाल खत्म हो चुका है और नए अध्यक्ष की तलाश जारी है। सूत्रों के मुताबिक, इसको लेकर हाल ही में भाजपा की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें कई नामों पर चर्चा हुई। कहा जा रहा है कि इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। अटकलें है कि पहली बार भाजपा किसी महिला नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना सकती है। इसके अलावा ओबीसी (OBC) वर्ग के नेता को भी यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में दिल्ली में वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर 5 घंटे लंबी बैठक हुई थी। इस बैठक में भाजपा के साथ-साथ आरएसएस (RSS) के पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। इसमें नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर मंथन किया गया। इसके अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता जाहिर की गई। इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, महासचिव बीएल संतोष, संघ महासचिव दत्तात्रेय होसबाले और संयुक्त महासचिव अरुण कुमार शामिल थे।

पहली बार महिला के हाथ में हो सकती है कमान

सूत्रों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष को नामित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सहमति महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश के लिए आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी राय मांगी गई है। कहा जा रहा है कि पार्टी और आरएसएस के पदाधिकारी अगले भाजपा प्रमुख के लिए जमीनी राजनीति की पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं। ऐसी अटकलें हैं कि 2029 में लोकसभा चुनावों से पहले संसद और राज्य विधानसभाओं में महिला कोटा लागू होने की संभावना के मद्देनजर किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब किसी महिला को पार्टी की कमान सौंपी जाएगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए यह नाम नाम सबसे आगे

पार्टी किसी महिला चेहरे के अलावा ओबीसी वर्ग के नेता को भी अध्यक्ष नामित करने पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम भी चर्चा में है। सूत्रों का कहना है कि फडणवीस राष्ट्रीय अध्यक्ष की लिस्ट में सबसे आगे है। हालांकि, उनका नाम फाइनल करने से पहले पार्टी सभी पहलुओं पर विचार कर रही है। हालांकि, भाजपा की ओर से इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है।

कैसे चुना जाता है बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष?

भारतीय जनता पार्टी के संविधान के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचक मंडल करता है। निर्वाचक मंडल में राष्ट्रीय और प्रदेश परिषद के सदस्य रहते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कम से कम 20 सदस्य नाम का प्रस्ताव रखते हैं। इस प्रस्ताव पर कम से कम 5 प्रदेशों के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों की सहमति होनी चाहिए। इसके बाद उस व्यक्ति को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया जाता है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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