देश

Gwalior : ग्वालियर में पति का अनोखा बंटवारा, 3 दिन एक पत्नी और 3 दिन दूसरी के साथ रहेगा

  • Written by: मकरंद काले
  • Updated Mar 14, 2023, 07:45 AM IST

Gwalior News : कुटुंब न्यायालय ग्वालियर के काउंसलर हरीश दीवान ने बताया है कि गुड़गांव में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शादी ग्वालियर की एक लड़की से वर्ष 2018 में हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच दो साल तक बेहतर संबंध रहे। इस दौरान उन्हें एक पुत्र की प्राप्ति भी हुई।

Image

ग्वालियर में पति को अपने दोनों बीवियों के साथ रहना होगा।

Photo : BCCL

Gwalior News : ग्वालियर के कुटुंब न्यायालय की काउंसलिंग में पति और दो पत्नियों के बीच हुए अनोखे बंटवारे का मामला सामने आया है। इसके तहत तीन दिन पति पहली पत्नी के साथ और फिर अगले तीन दिन वह दूसरी पत्नी के साथ रहना होगा। साथ ही दोनों को अपनी तनख्वाह के आधे-आधे पैसे भी देने होंगे। खास बात यह है कि दोनों पत्नियों की एक-एक संतान हैं। कुटुंब न्यायालय ग्वालियर के काउंसलर हरीश दीवान ने बताया है कि गुड़गांव में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शादी ग्वालियर की एक लड़की से वर्ष 2018 में हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच दो साल तक बेहतर संबंध रहे। इस दौरान उन्हें एक पुत्र की प्राप्ति भी हुई। इसके बाद युवक गुड़गांव की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने चला गया और दो साल तक अपनी पहली पत्नी के पास नहीं आया।

गड़गांव में दूसरी महिला से मिला

उन्होंने बताया कि गुड़गांव में जॉब करते हुए उसकी एक अन्य युवती से मुलाकात हुई। दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान युवती एक लड़की की मां बन गई। जब दो साल तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ग्वालियर की अपनी विवाहित पत्नी को लेने नहीं आया। तब उसे और उसके घर वालों को कुछ गड़बड़ लगा। पहली पत्नी और उसके परिवार के लोगों ने जब गुड़गांव जाकर पड़ताल की, तब हकीकत का पता चला।

पत्नियो में सैलरी का भी बंटवारा

उन्होंने पाया कि युवक एक अन्य युवती के साथ पति-पत्नी की तरह रह रहा है और उनके एक संतान के रूप में लड़की भी है। इसके बाद पति और दोनों पत्नियों के बीच विवाद शुरू हो गया। पहली पत्नी ने ग्वालियर के कुटुंब न्यायालय में धारा 125 के तहत भरण पोषण का दावा पेश किया। इस बीच परिवार न्यायालय की सलाह पर दोनों पत्नियों और पति के बीच काउंसलिंग की गई। अभिभाषक हरीश दीवान ने इस मामले में दोनों युवतियों और उनके पति को समझाया और दोनों को ही साथ रहने की सलाह दी। इस पर काफी समझाइश के बाद दोनों युवतियां और युवक के साथ रहने के लिए तैयार हो गए। तीनों के बीच तय किया गया कि युवक की तनख्वाह में से दोनों पत्नियों को हर महीने आधी-आधी तनख्वाह मिलेगी। साथ ही दोनों के लिए अलग-अलग फ्लैट भी खरीदे जाएंगे। इसके अलावा पति बंटवारे के तहत दोनों पत्नियों के साथ तीन-तीन दिन रहेगा। रविवार का दिन पति का होगा, वह स्वेच्छा से इस दिन किसी के भी साथ रह सकता है। काउंसलर की पहल पर कुटुंब न्यायालय ने भी स्वीकृति दे दी है।

मकरंद काले
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

और पढ़ें
End of Article