Ahmedabad Air India Crash: जून 2025 में अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे में मारे गए चार यात्रियों के परिवारों ने विमान निर्माण कंपनी बोइंग और हनीवेल पर मुकदमा दायर किया है। इन्होंने विमान में स्विच को स्थापित और निर्मित किया था। परिवारों ने इन्हें दुर्घटना के लिए उनकी लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें 260 लोग मारे गए थे। लंदन जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान 171, 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। यह मुकदमा अमेरिका में दुर्घटना को लेकर पहला मामला है।
शिकायतकर्ताओं ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि डेलावेयर सुपीरियर कोर्ट में मंगलवार को दायर एक शिकायत में वादी ने कहा कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर पर स्विच के लिए लॉकिंग सिस्टम अनजाने में बंद हो सकता है या गायब हो सकता है। इससे ईंधन की आपूर्ति में कमी और टेकऑफ के लिए आवश्यक थ्रस्ट का नुकसान हो सकता है।
शिकायत में कहा गया है कि स्विच को सीधे थ्रस्ट लीवर के पीछे लगाकर बोइंग ने प्रभावी रूप से यह सुनिश्चित कर दिया कि सामान्य कॉकपिट गतिविधि के परिणामस्वरूप अनजाने में ईंधन कटऑफ हो सकता है। इस आपदा को रोकने के लिए हनीवेल और बोइंग ने क्या किया? कुछ भी नहीं। रॉयटर्स के अनुसार, वर्जीनिया स्थित बोइंग और उत्तरी कैरोलिना स्थित हनीवेल ने अभी तक इस मुकदमे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हादसे में कांताबेन धीरूभाई पघदल, नाव्या चिराग पघदल, कुबेरभाई पटेल और बेबीबेन पटेल की मौत हो गई थी और इन्हीं के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई है।
बोइंग पर उठ चुके हैं सवाल
वादी भारत या यूनाइटेड किंगडम के नागरिक हैं, और इनमें से किसी एक देश में रहते हैं। जुलाई में भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की एक शुरुआती रिपोर्ट में दुर्घटना से पहले कॉकपिट में भ्रम की स्थिति की ओर इशारा किया गया था। जुलाई में ही अमेरिकी FAA के एक शीर्ष अधिकारी ब्रायन बेडफोर्ड ने उच्च स्तर का विश्वास जताया कि किसी यांत्रिक समस्या या ईंधन नियंत्रण घटकों की अनजाने में हुई हलचल इसके लिए जिम्मेदार नहीं थी। अतीत में बोइंग को 2018 और 2019 में अपने 737 मैक्स विमान की दो घातक दुर्घटनाओं से कानूनी और अन्य लागतों में 20 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ था। सबसे अधिक बिकने वाला विमान 20 महीने तक उड़ान भरने से रोक दिया गया था।
