नई दिल्ली: IGI एयरपोर्ट पर एक बार फिर पुलिस ने फर्जी वीजा रैकेट का पर्दाफाश किया है। दो युवक स्वीडन जाने की फिराक में थे, लेकिन इमिग्रेशन जांच के दौरान उनके पासपोर्ट पर लगे शेंगेन वीजा फर्जी पाए गए। दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में एक एजेंट को भी दबोच लिया गया है।
पकड़े गए युवकों की पहचान तरणवीर सिंह (उम्र 18) और गगनदीप सिंह (उम्र 20) के रूप में हुई है, जो पंजाब के होशियारपुर जिले के निवासी हैं। दोनों युवक दोहा (कतर) होते हुए रोम, इटली और फिर स्वीडन जाने की योजना बना रहे थे।
31 लाख में किया सौदा
जांच के दौरान पता चला कि दोनों ने एक एजेंट लल्ली के जरिए 31 लाख रुपये में स्वीडन जाने का सौदा किया था। लल्ली ने अपने साथी अभिनेश सक्सेना के साथ मिलकर फर्जी वीजा और टिकट की व्यवस्था की। दिल्ली के महिपालपुर इलाके में एक होटल में दोनों युवकों को पासपोर्ट सौंपे गए थे। लेकिन जैसे ही वे एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के लिए पहुंचे, फर्जी वीजा पकड़ा गया।
एयरपोर्ट पुलिस ने जांच शुरू की
मामले की गंभीरता को देखते हुए IGI एयरपोर्ट पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इंस्पेक्टर सुशील गोयल की अगुवाई में बनी टीम ने अभिनेश सक्सेना (निवासी शाहजहांपुर, यूपी) को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह 10वीं पास है और साल 2022 से एजेंट लल्ली के साथ मिलकर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा था।
पुलिस की छापेमारी जारी
फिलहाल मुख्य आरोपी लल्ली फरार है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गैंग ने और कितने लोगों को ठगा है। साथ ही बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
यात्रियों से अपील
डीसीपी एयरपोर्ट उषा रंगनानी ने यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से संबंधित दस्तावेज सिर्फ अधिकृत एजेंसियों से ही बनवाएं। कम कीमत और जल्द विदेश भेजने का लालच देने वाले फर्जी एजेंटों से सावधान रहें। सही जानकारी और दस्तावेजों की जांच करके ही विदेश यात्रा करें, नहीं तो भारी नुकसान और कानूनी झमेले का सामना करना पड़ सकता है।
