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रिपोर्ट में दावा: फेसबुक ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा वाले विज्ञापनों को दी मंजूरी, मेटा ने मानी गलती!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 23, 2023, 04:09 PM IST

रिपोर्ट में फिलिस्तीनी सोशल मीडिया रिसर्च और वकालत समूह 7 अमलेह के संस्थापक नदीम नशीफ के हवाले से कहा गया है, इन विज्ञापनों की मंजूरी फिलिस्तीनी लोगों के प्रति मेटा की विफलताओं की सीरीज में लेटेस्ट है।

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गाजा संघर्ष (फोटो- AP)

फेसबुक ने कथित तौर पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा का आह्वान करने वाले कई विज्ञापनों को मंजूरी दे दी, कुछ में फ़िलिस्तीनी नागरिकों और कार्यकर्ताओं की हत्या का भी आह्वान किया गया। द इंटरसेप्ट के साथ शेयर किए गए मटेरियल के अनुसार, हिब्रू और अरबी दोनों भाषाओं में विज्ञापनों में फेसबुक और इसकी मूल कंपनी मेटा की नीतियों का उल्लंघन शामिल था।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ में सीधे तौर पर फिलिस्तीनी नागरिकों की हत्या का आह्वान करने वाले हिंसक मटेरियल शामिल थे, जैसे फिलिस्तीनियों के लिए नरसंहार और गाजा की महिलाओं और बच्चों और बुजुर्गों का सफाया करने की मांग करने वाले विज्ञापन। अन्य पोस्ट में गाजा के बच्चों को भविष्य के आतंकवादी और अरब सूअरों का संदर्भ दिया गया।

फिलिस्तीनियों के खिलाफ मेटा का पूर्वाग्रह

रिपोर्ट में फिलिस्तीनी सोशल मीडिया रिसर्च और वकालत समूह 7 अमलेह के संस्थापक नदीम नशीफ के हवाले से कहा गया है, इन विज्ञापनों की मंजूरी फिलिस्तीनी लोगों के प्रति मेटा की विफलताओं की सीरीज में लेटेस्ट है। उन्होंने कहा, इस पूरे संकट के दौरान हमने फिलिस्तीनियों के खिलाफ मेटा के स्पष्ट पूर्वाग्रह और भेदभाव का एक निरंतर पैटर्न देखा है।

फेसबुक ने मानी गलती

फेसबुक के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि विज्ञापन गलती से स्वीकृत हो गए थे। रिपोर्ट में प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है कि हमारे जारी निवेशों के बावजूद, हम जानते हैं कि ऐसे कुछ उदाहरण होंगे जिन्हें हम भूल जाते हैं या हम गलती से हटा देते हैं, क्योंकि मशीनें और लोग दोनों गलतियां करते हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, इसीलिए विज्ञापनों की कई बार समीक्षा की जा सकती है, जिसमें एक बार लाइव होना भी शामिल है। मेटा की नीतियों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों को प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया गया था। किसी राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या का आह्वान करना फेसबुक के विज्ञापन नियमों का उल्लंघन है।

(नोट- IANS एजेंसी )

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