प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ET NOW ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि जिस 'शताब्दी के बदलाव' की आज पूरी दुनिया बात कर रही है, उसकी मजबूत नींव भारत बनने जा रहा है। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक विकास को गति देने वाला इंजन बनेगा और दुनिया की आर्थिक वृद्धि का नेतृत्व करेगा। इस दौरान उन्होंने डिजिटल इंड़िया पर भी अपना जोर दिया।
स्टार्टअप कल्चर और हैकाथॉन कल्चर को बढ़ावा
पीएम मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में हमने तकनीक और नवाचार को विकास का मुख्य आधार माना है। इसी सोच के तहत देश में स्टार्टअप कल्चर और हैकाथॉन कल्चर को बढ़ावा दिया गया। आज भारत में दो लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स हैं, जो देश की नवाचार क्षमता और उद्यमशीलता की ताकत को दर्शाते हैं।
UPI से दुनिया भर में हलचल- पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि पिछले दशक में जिस सुधार ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है, वह है यूपीआई (UPI), भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली। यह सिर्फ एक ऐप नहीं है, बल्कि नीति, प्रक्रिया और क्रियान्वयन के सफल समन्वय का प्रमाण है। यूपीआई आज उन नागरिकों की सेवा कर रहा है, जिन्होंने कभी बैंकिंग और वित्तीय सुविधाओं तक पहुंच की कल्पना भी नहीं की थी।
UPI जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिमूर्ति का सशक्त उदाहरण
पीएम मोदी ने कहा कि यह डिजिटल भुगतान प्रणाली जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिमूर्ति का सशक्त उदाहरण है। यह सुधार किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि हमारे दृढ़ विश्वास और संकल्प के साथ लागू किया गया, जिसने वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है।
'21वीं सदी का पिछला दशक उथल-पुथल से भरा रहा'
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पिछला दशक अभूतपूर्व उथल-पुथल से भरा रहा है। बीते एक दशक में दुनिया ने बहुत कुछ झेला है, वैश्विक महामारी, अंतरराष्ट्रीय तनाव, युद्ध और सप्लाई चेन में टूटने जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि यह कहा जाता है कि किसी भी देश की असली ताकत और क्षमता का पता संकट के समय ही चलता है। वैश्विक स्तर पर आए व्यवधानों के बावजूद भारत ने खुद को साबित करके दिखाया है। और मुझे बहुत गर्व है कि कई मुश्किलों के बावजूद, यह दशक भारत के लिए विकास, बेहतरीन डिलीवरी और लोकतंत्र को मजबूत करने वाला रहा है। इस दौरान मजबूत क्रियान्वयन देखने को मिला और ऐसे प्रयास किए गए, जिन्होंने हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सशक्त बनाया।
'भारत वैश्विक विकास का नया इंजन बनेगा'
पीएम मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक विकास का नया इंजन बनेगा। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी विश्व व्यवस्था, जो "एक ही मॉडल सबके लिए" और केंद्रीकृत आर्थिक प्रणालियों पर आधारित थी, अब टूट रही है। पहले देशों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में केवल योगदानकर्ता के रूप में देखा जाता था।
'दुनिया अब एक नई वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही'
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया एक नए वैश्विक व्यवस्था (New World Order) की ओर बढ़ रही है। पहले जो व्यवस्था बनी थी, वह ‘वन साइज फिट्स ऑल’ यानी एक ही मॉडल सब पर लागू करने की सोच पर आधारित थी। उस समय यह माना जाता था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ही केंद्र में होगी और देशों को केवल उसमें योगदानकर्ता के रूप में देखा जाता था। लेकिन आज यह मॉडल चुनौती के दौर से गुजर रहा है।
दुनिया आज जिसकी बात कर रही , भारत ने उसे 2015 में ही अपनी नीति बनाया
उन्होंने कहा कि आज हर देश यह समझ रहा है कि उसे अपनी स्वयं की आत्मनिर्भरता और लचीलापन (Resilience) विकसित करना होगा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जिस विषय पर आज पूरी दुनिया चर्चा कर रही है, भारत ने उसे 2015 में ही अपनी नीति बना लिया था। उन्होंने बताया कि नीति आयोग के स्थापना दस्तावेज में ही भारत ने यह स्पष्ट कर दिया था कि देश किसी अन्य राष्ट्र का विकास मॉडल आयात नहीं करेगा, बल्कि अपना खुद का रास्ता तय करेगा।
