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जहां से उड़ा था स्टारशिप रॉकेट, वापस वहीं आकर हो गया सेट, एलन मस्क की टीम ने कर दिखाया चमत्कार

स्पेसएक्स का स्टारशिप अंतरिक्ष यान और सुपर हेवी रॉकेट - जिसे सामूहिक रूप से स्टारशिप कहा जाता है - अंतरिक्ष मिशनों को लॉन्च करने के लिए बनाया गया है। इसके जरिए चालक दल और कार्गो दोनों को पृथ्वी की कक्षा, चंद्रमा, मंगल और उससे आगे ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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लॉन्च होने के बाद वापस अपनी जगह पर पहुंचा स्टारशिप रॉकेट (फोटो- @SpaceX)

KEY HIGHLIGHTS
  • दुनिया का सबसे भारी रॉकेट है स्टारशिप
  • स्टारशिप की स्पीड भी है कमाल की
  • एक बार से अधिक किया जा सकता है इसका इस्तेमाल

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स एक के बाद एक अंतरिक्ष विकास में चमत्कार कर रही है। दुनिया का सबसे भारी रॉकेट बनाने के बाद अब स्पेस एक्स ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे अबतक एक सपने की तरह माना जा रहा है। स्पेसएक्स के रॉकेट स्टारशिप ने लॉन्चिंग के बाद वापस उसी जगह पर लैंड कर गया, जहां से वो लॉन्च किया गया था।

वापस लॉन्चिंग पैड पर उतरा बूस्टर

स्पेसएक्स ने रविवार को अपने स्टारशिप रॉकेट को अब तक की सबसे साहसिक परीक्षण उड़ान के तहत प्रक्षेपित किया और आर्म के सहयोग से बूस्टर को पैड पर वापस उतारने में सफल रही। लगभग 400 फुट (121 मीटर) लंबे स्टारशिप को सूर्योदय के समय मैक्सिको की सीमा के निकट टेक्सास के दक्षिणी सिरे से प्रक्षेपित किया गया। यह पूर्व के उन चार अन्य स्टारशिप की तरह मैक्सिको की खाड़ी के ऊपर से वक्र बनाते हुए गुजरा जो या तो उड़ान भरने के तुरंत बाद नष्ट हो गए थे या समुद्र में गिरकर नष्ट हो गए थे।

स्टारशिप में 33 रैप्टर इंजन

स्पेसएक्स ने पहले चरण के बूस्टर को वापस उसी पैड पर उतारा जहां से उसने सात मिनट पहले उड़ान भरी थी। प्रक्षेपण टॉवर पर धातु की विशाल छड़ें लगी थीं, जिन्हें ‘चॉपस्टिक’ कहा जाता है। स्टारशिप में 33 रैप्टर इंजन लगे है। कैलिफोर्निया के हॉथोर्न स्थित स्पेसएक्स मुख्यालय से स्पेसएक्स की केट टाइस ने कहा, ‘‘यह इंजीनियरिंग इतिहास के क्षेत्र में एक बड़ा दिन है।’’

क्या होगा इसका फायदा

यह उड़ान निदेशक पर निर्भर था कि वह वास्तविक समय में यह निर्णय ले कि ‘लैंडिंग’ का प्रयास किया जाए या नहीं। स्पेसएक्स ने कहा कि बूस्टर और प्रक्षेपण टॉवर दोनों को अच्छी और स्थिर स्थिति में होना चाहिए, नहीं तो इसका नतीजा पिछले प्रक्षेपण की तरह ही होता। इस प्रक्षेपण के दौरान अंतरिक्ष में गए सुपर हेवी बूस्टर को प्रक्षेपण स्थल पर वापस लाकर टॉवर पर उतारा गया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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