पश्चिम बंगाल में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) लागू होने के कुछ ही घंटों के भीतर चुनाव आयोग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। निर्वाचन आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को उनके पद से हटा दिया है। चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार दुष्यंत नरियाला (IAS) को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि संगमित्रा घोष को राज्य का नया गृह सचिव बनाया गया है।
सूत्रों के अनुसार यह फैसला चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। चुनाव आयोग आमतौर पर चुनावों के दौरान प्रशासनिक ढांचे में ऐसे बदलाव करता है ताकि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहकर किया जा सके। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है और इसी के बाद आयोग ने यह त्वरित कार्रवाई की है।
आदर्श चुनाव आचार संहिता कब से होगी लागू
इससे पहले, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया था कि चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई। इससे पहले क्या घोषणाएं हुईं वो मुख्यमंत्री के ऊपर है। उन्होंने कहा कि बंगाल में दो चरण में चुनाव सभी के लिए सुविधाजनक है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के बाद हिंसा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, ''राजनीतिक हिंसा और चुनावों को प्रभावित करने वाली किसी भी घटना को चुनाव आयोग बर्दास्त नहीं करेगा और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।''
पश्चिम बंगाल चुनाव का है ये कार्यक्रम
वहीं, रविवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग ने पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे और सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को 148 सीटों का बहुमत हासिल करना होगा।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण की अधिसूचना 30 मार्च को जारी होगी, जबकि दूसरे चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी की जाएगी। पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 6 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 9 अप्रैल तय की गई है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल और 10 अप्रैल को की जाएगी। उम्मीदवार पहले चरण के लिए 9 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 13 अप्रैल तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।
मतदान की बात करें तो पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। दोनों चरणों के मतदान के बाद 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के कुल 17.4 करोड़ मतदाता चुनावी पर्व में शामिल होंगे। पांच राज्यों की कुल 824 विधानसभा के लिए कुल 2.19 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इन चुनावों में 25 लाख से ज्यादा चुनाव कर्मचारी जिसमें सुरक्षा बल भी शामिल हिस्सा लेंगे।
