चुनाव को प्रलोभन मुक्त बनाने के लिए चुनाव आयोग ने पांच चुनावी राज्यों में बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 651.51 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी, शराब, ड्रग्स, कीमती धातु और फ्रीबीज जब्त किए गए हैं। सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल में माल पकड़ा गया है।
कहां कितनी हुई बरामदगी?
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा बरामदगी पश्चिम बंगाल से हुई है। जिसमें
- पश्चिम बंगाल: 319 करोड़
- तमिलनाडु: 170 करोड़
- असम: 97 करोड़
- केरल: 58 करोड़
- पुडुचेरी: 7 करोड़
क्या क्या और कितनी कीमत का सामान पकड़ा गया?
कुल जब्ती का कैटेगरी वाइज ब्रेकअप इस तरह है। जिसमें 53.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किया गया। वहीं करीब 29.63 लाख लीटर जिसकी कीमत 79.30 करोड़ रुपए है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बड़ी बरामदगी ड्रग्स की हुई जिसकी बाजार में कीमत 230 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 58 करोड़ रुपये की कीमती धातुएं और फ्रीबीज और अन्य सामान जिसकी वैल्यू 231.01 करोड़ रुपये है।
पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा फ्रीबीज और ड्रग्स की धरपकड़
पश्चिम बंगाल में 150 करोड़ रुपये के फ्रीबीज और 65 करोड़ रुपये के ड्रग्स मिले। 55 करोड़ रुपये की शराब तो 39 करोड़ रुपये की कीमती धातु
जब्त की गई है। वहीं तमिलनाडु में कैश और ड्रग्स की बड़ी पकड़ हुई है। तमिलनाडु में 30 करोड़ रुपये नकद और 67 करोड़ रुपये ड्रग्स पकड़ी गई। साथ ही 63 करोड़ रुपये फ्रीबीज जब्त किए गए।
असम और केरल में भी बड़ी कार्रवाई
असम में 56 करोड़ रुपये ड्रग्स और 20 करोड़ रुपये शराब की जब्ती है जो लोगों के बीच में बांटी जानी थी। इसके अलावा केरल में 41 करोड़ रुपये ड्रग्स और 8 करोड़ रुपये नकदी बरामद की गई। चुनाव आयोग के मुताबिम निगरानी के लिए हजारों टीमें तैनात की गई है। 5,173 फ्लाइंग स्क्वॉड तो 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीम तैनात की गई हैं, जो 100 मिनट के भीतर शिकायतों पर कार्रवाई कर रही हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि यह कार्रवाई पैसे के बल पर वोट प्रभावित करने, मतदाताओं को लालच देने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशों को रोकने के लिए की जा रही है।
