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SIR: चुनाव आयोग का 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश, SIR के अगले चरण की करें तैयारी

बिहार में एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया जारी है। असम में एसआईआर के बजाय 'विशेष संशोधन' प्रक्रिया 10 फरवरी को पूरी हुई।

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SIR पर चुनाव आयोग का निर्देश

Photo : PTI

SIR in 22 States: चुनाव आयोग ने गुरुवार को 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष गहन संशोधन (SIR) से संबंधित तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है, क्योंकि यह प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने पर, सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसके दायरे में आ जाएंगे।

इन राज्यों मेंं SIR प्रक्रिया की तैयारी

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में चुनाव प्राधिकरण ने कहा कि मतदाता सूची के अखिल भारतीय एसआईआर का आदेश पिछले साल जून में दिया गया था।

बिहार में एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया जारी है। असम में एसआईआर के बजाय 'विशेष संशोधन' प्रक्रिया 10 फरवरी को पूरी हुई।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था यूपी का मामला

बता दें कि 13 फरवरी को उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण के फॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग के मामले लेकर एक मामला सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस के सामने आरोप लगाया कि कुछ लोग फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल कर लोगों के नाम मतदाता सूची से काटने के लिए कर रहे हैं।

फॉर्म 7 का प्रयोग आमतौर पर मतदाता सूची में नाम दर्ज करने या नाम में बदलाव के लिए किया जाता है, लेकिन वकील ने दावा किया कि इस नियम का गलत इस्तेमाल करके कई लोगों को सूची से हटा दिया गया है।

यह मुद्दा संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण: सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई का भरोसा दिया और कहा कि यह मुद्दा संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। वकील ने विशेष रूप से यह बताया कि यूपी में कई नागरिकों के नाम मतदाता सूची से बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हटा दिए गए हैं, जिससे उनकी मतदान की अधिकारिता प्रभावित हो सकती है।

यूपी सहित देश के कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया जारी

बता दें कि देशभर के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट (आरपीए), 1950 और रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स, के तहत मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने के लिए फॉर्म 6, वोट कटवाने के लिए फॉर्म 7 और नाम-पता सही कराने के लिए फॉर्म 8 का प्रयोग किया जा रहा है।

क्या है फॉर्म-7?

चुनाव आयोग के अनुसार फॉर्म 7, मृत्यु, स्थान परिवर्तन के कारण मतदाता सूची में अपना या किसी अन्य व्यक्ति का नाम हटाने का आवेदन फॉर्म है। चुनाव आयोग के मुताबिक, गलत जानकारी देने पर एक साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में कहा कि फॉर्म 7 के जरिए योजनाबद्ध तरीके से पीडीए और मुसलमानों के वोट कटवाए जा रहे हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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