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DRDO: भारत ने किया स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म का पहला उड़ान परीक्षण, बढ़ेगी सेना की निगरानी क्षमता; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

DRDO: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने मध्य प्रदेश के श्योपुर परीक्षण स्थल से स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया है। ट्रायल टीम ने आगे की जांच के लिए सिस्टम को रिकवर कर लिया। उड़ान की कुल अवधि लगभग 62 मिनट थी।

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डीआरडीओ ने स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म का पहला उड़ान परीक्षण किया

Photo : ANI

Stratospheric Airship Platform: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मध्य प्रदेश के श्योपुर परीक्षण स्थल से स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट, आगरा द्वारा विकसित, एयरशिप को लगभग 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक इंस्ट्रूमेंटल पेलोड के साथ लॉन्च किया गया था। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ऑनबोर्ड सेंसर से डेटा प्राप्त हुआ और इसका उपयोग भविष्य की उच्च ऊंचाई वाली एयरशिप उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले फिडेलिटी सिमुलेशन मॉडल के विकास के लिए किया जाएगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO को दी बधाई

बयान में कहा गया कि परफॉरमेंस मूल्यांकन के लिए उड़ान में एनवेलप प्रेशर कंट्रोल और इमरजेंसी डिफ्लेशन सिस्टम को तैनात किया गया था। ट्रायल टीम ने आगे की जांच के लिए सिस्टम को रिकवर कर लिया। उड़ान की कुल अवधि लगभग 62 मिनट थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिस्टम के सफल पहले उड़ान-परीक्षण के लिए DRDO को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम भारत की पृथ्वी अवलोकन और खुफिया, निगरानी और टोही क्षमताओं को अद्वितीय रूप से बढ़ाएगा, जिससे देश दुनिया के उन कुछ देशों में से एक बन जाएगा जिनके पास ऐसी स्वदेशी क्षमताएं हैं। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और DRDO के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने सिस्टम के डिजाइन, विकास और परीक्षण में शामिल DRDO टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रोटोटाइप उड़ान हवा से हल्के उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफ़ॉर्म सिस्टम को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर है जो समताप मंडल की ऊंचाइयों पर बहुत लंबे समय तक हवा में रह सकता है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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