Aug 29, 2026
आज इंजीनियरिंग की दुनिया तेजी से बदल रही है।
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12वीं के बाद अधिकतर छात्र इंजीनियरिंग करने के लिए जेईई मेन और एडवांस्ड की तैयारी शुरू कर देते हैं।
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बता दें इन दिनों जिस तरह एआई, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, साइबर सिक्योरिटी और रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उससे आने वाले वर्षों में इंजीनियरों के काम करने का तरीका भी बदल जाएगा।
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ऐसे में क्या आप जानते हैं कि 2030 तक कौन सी इंजीनियरिंग ब्रांच सबसे ज्यादा डिमांड में होगी?
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अगर आपका भी यही सवाल है कि साल 2030 तक इंजीनियरिंग की किस ब्रांच की सबसे ज्यादा डिमांड होगी तो यहां जान लीजिए।
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बता दें वर्ष 2030 तक एआई और मशीन लर्निंग, रिन्यूबल इंजीनिरिंग, रोबोटिक्स और मेकोट्रोनिक्स ब्रांच की डिमांड सबसे ज्यादा रहेगी।
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इसके अलावा डेटा साइंस (Data Science) और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट (Software Development) से जुड़े इंजीनियरों की जरूरत तेजी से बढ़ सकती है।
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वहीं पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव के कारण इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग की मांग भी बढ़ सकती है।
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बता दें इन सभी इंजीनियरिंग की डिमांड अभी से ही काफी ज्यादा हो गई है। यहां इंजीनियरिंग के टॉप कॉलेजो में एडमिशन के लिए छात्रों को जेईई मेन व एडवांस्ड की परीक्षा में टॉप की रैंकिंग लानी होगी।
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