कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह कहकर सबको चौंका दिया है कि कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव होगा या नहीं, ये पता नहीं है। एक तरफ जहां इस चुनाव को लेकर कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है, वहीं जयराम रमेश का ये बयान कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें नहीं पता कि 17 अक्टूबर को पार्टी का अध्यक्ष पद का चुनाव होगा या नहीं, क्योंकि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख अभी खत्म नहीं हुई है। पार्टी के संचार प्रभारी और महासचिव ने कहा-"मैं केवल इतना कह सकता हूं कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी होगा।"
उन्होंने इशारा किया है कि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख तक हो सकता है कि सिर्फ एक ही उम्मीदवार चुनावी मैदान में रहे और निर्विरोध चुनाव जीत जाए। वहीं उन्होंने इस प्रेस कांफ्रेस में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा- "कांग्रेस भाजपा की तुलना में अधिक आंतरिक रूप से लोकतांत्रिक पार्टी है और एकमात्र राजनीतिक दल है, जिसके पास अपने अध्यक्ष का चुनाव करने की प्रणाली है और उसने अध्यक्ष चुने हैं।"
वहीं भारत जोड़ो यात्रा को लेकर जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस का मुख्य ध्यान भारत जोड़ो यात्रा पर ही है। बाकि जो कांग्रेस के अंदर हो रहा है, वो प्रक्रिया है, जो चलती रहती है। गोवा में दलबदल, राजस्थान में विधायकों के सामूहिक विद्रोह और कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव का जिक्र करते हुए रमेश ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है वह "लोकतांत्रिक राजनीति" का हिस्सा है।
एजेंसी इनपुट के साथ
