देश

एक वोट से हुई हार तो कोर्ट पहुंच गए DMK के पूर्व मंत्री, TVK विधायक के शपथ ग्रहण पर की रोक की मांग

23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तिरुपत्तूर सीट से TVK उम्मीदवार आर श्रीनिवासा सेतुपति ने DMK के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन को सिर्फ एक वोट से हरा दिया था। इसके बाद से डीएमके नेता लगातार मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

Image

मद्रास हाईकोर्ट

Photo : PTI

तमिलनाडु में चुनाव होने के बाद भले ही सीएम के रूप में थलापति विजय ने शपथ ले ली है, मगर उनके विधायक और डीएमके प्रत्याशी के बीच की चुनावी लड़ाई अब अदालत तक पहुंच गई है। यहां डीएमके के पूर्व मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन और टीवीके उम्मीदवार आर श्रीनिवास सेतुपति के बीच तमिलनाडु की तिरुपत्तूर सीट पर हुआ बेहद करीबी मुकाबला अब अदालत तक पहुंच गया है। मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने आज इस मामले में सुनवाई भी की।

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग से कुछ सवालों पर जवाब मांगते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

एक वोट से हुई हार जीत

दरअसल, 23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तिरुपत्तूर सीट से TVK उम्मीदवार आर श्रीनिवासा सेतुपति ने DMK के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन को सिर्फ एक वोट से हरा दिया था।चुनाव नतीजों के मुताबिक, सेतुपति को 83,365 वोट मिले, जबकि पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट हासिल हुए। इसके बाद से डीएमके नेता लगातार मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

अब पेरियाकरुप्पन ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर वोटों की दोबारा गिनती कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अदालत से अंतरिम आदेश जारी कर TVK उम्मीदवार को विधायक पद की शपथ लेने से रोकने की भी अपील की है।

तीन घंटे हुई सुनवाई

मामले की सुनवाई अवकाशकालीन पीठ ने विशेष बैठक में करीब तीन घंटे तक की। अब सोमवार को फिर सुनवाई होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का ऐसा रहा परिणाम

2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में TVK ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 234 में से 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। हालांकि पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से विजय सरकार बनाने में सफल रहे।

द्रविड़ पार्टियां सत्ता से बाहर

इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि राज्य की पारंपरिक द्रविड़ पार्टियां सत्ता से बाहर हो गईं। फिल्मों में अपनी लोकप्रियता के कारण 'थलापति' कहलाने वाले विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान भारी भीड़ जुटाई। कई लोगों ने उनकी लोकप्रियता की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन से की। अब जनता की उम्मीदें विजय सरकार से जुड़ गई हैं और लोग तमिलनाडु में नई राजनीति की शुरुआत के रूप में इसे देख रहे हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article