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आतंकी गतिविधियों का स्वरूप बदला, पहलगाम तक पाप का ये घड़ा भर गया था : Indian Army

Operation Sindoor: भारतीय सेना के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने तीनों सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि कैसे पिछले कुछ वर्षों में आतंकवादियों की गतिविधियों का स्वरूप बदला है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आने तक उनके पाप का घड़ा भर गया था।

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सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई

Photo : Times Now Digital

Operation Sindoor: भारत की तीनों सेनाओं ने आज यानी सोमवार 12 मई को एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दोपहर करीब पौने तीन बजे की गई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि कैसे सेना ने पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में आतंकवादियों की तरफ से कई घटनाएं हुईं। पिछले कुछ वर्षों में आतंकवादियों की गतिविधियों का स्वरूप बदला है। वह निर्दोष नागरिकों पर हमले कर रहे थे, जो अपना बचाव नहीं कर सकते थे। पहलगाम तक उनके पाप का घड़ा भर गया था।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से किए गए हर हमले को भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम किया। जो कुछ बच भी गया, उसे भारतीय सेना ने नेस्तनाबूत कर दिया। उन्होंने कहा कि हमने बॉर्डर क्रॉस किए बिना कार्रवाई की थी, तो उम्मीद थी कि पाकिस्तान की तरफ से भी इसी तरह की कार्रवाई होगी। इसके लिए हमने अपने एयर डिफेंस की पूरी तैयारी पहले ही कर ली थी।

उन्होंने बताया कि 8 और 9 मई को पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन और अन्य हथियारों से कई हमले किए गए, हमारे डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के हर हमले को विफल किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान के एयरफील्ड को भारी नुकसान पहुंचाया है, जबकि हमारी एयरफील्ड पूरी तरह से ऑपरेशनल हैं।

अंत में उन्होंने एक शायरी के साथ अपनी बात को विराम दिया। जिसमें उन्होंने कहा, 'हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं।' ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान और आतंकवादियों को नुकसान पहुंचाया है। उससे साफ है कि भारतीय सेनाओं के हौसले कितने बुलंद थे, तभी तो सफलता ने उनके कदम चूमे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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