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Odisha: जगन्नाथ मंदिर में भक्तों ने तोड़ा सुरक्षा घेरा, कई लोग कुचले गए; लाखों लोगों ने किया दर्शन

Puri Jagannath temple: नये साल के मौके पर ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में लाखों लोगों ने दर्शन किये। इस दौरान भक्तों ने पुरी जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए सामने लगी सुरक्षा बैरिकेड को तोड़ दिया। लंबी लाइन में अचानक से भक्त बेकाबू हो गए। धक्का धुक्की में कई लोग जमीन पर गिर गए और कुचले गए। जिससे कई भक्तों को चोट आई है।

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पुरी जगन्नाथ मंदिर।

Puri: नव वर्ष के पहले दिन बुधवार को लाखों लोगों ने भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने के लिए जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किये। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। ओडिशा के पुरी में श्रद्धालुओं और पर्यटक की भारी भीड़ देखने को मिली। श्री जगन्नाथ मंदिर के सामने सैकड़ों भक्तों द्वारा सुरक्षा बैरिकेड तोड़ कर दर्शन करने का मामला सामने आया है।

भक्तों ने कथित तौर पर तोड़ दिए बैरिकेड्स

रिपोर्ट के अनुसार, पवित्र त्रिदेवों का आशीर्वाद लेने के लिए घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भक्तों ने कथित तौर पर बैरिकेड्स तोड़ दिए। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। कल रात से ही मंदिर से लेकर मार्केट स्क्वायर तक लंबी कतार लगी हुई थी, जो करीब आधा किलोमीटर दूर है। लंबे समय तक इंतजार करने से तंग आकर भक्तों ने कथित तौर पर सुरक्षा घेरा तोड़ दिया। जिससे कई लोग गिर गए और कुचले गए। हालांकि, उन्हें मामूली चोटें आईं और अन्य भक्तों की मदद से उन्हें बचा लिया गया।

जगन्नाथ मंदिर में लाखों लोगों ने किये दर्शन

जगन्नाथ मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में किया गया था। मंदिर की ओर जाने वाले ‘ग्रैंड रोड’ पर मार्केट चौक से लेकर मंदिर के सिंह द्वार (सिंह द्वार) तक भक्तों की एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार देखी गई। पुरी के पुलिस अधीक्षक विनीत अग्रवाल ने बताया, “पुलिस सभी तीर्थयात्रियों के लिए एक सुरक्षित और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है।” अधिकारी ने बताया कि मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और दर्शन के लिए 70 प्लाटून (एक प्लाटून में 30 जवान) तैनात किए गए हैं।

रात एक बजकर पांच मिनट पर मंदिर का द्वार खोला गया

अधिकारी ने बताया कि मंदिर के बाहर और परिसर में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने बताया कि श्रद्धालुओं को मंदिर में केवल पूर्व दिशा में सिंह द्वार से प्रवेश की अनुमति है और उन्हें तीन अन्य द्वारों से बाहर निकलने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंगलवार देर रात एक बजकर पांच मिनट पर मंदिर का द्वार खोल दिया गया और तब से श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चिकित्सा से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि पूरे शहर पर निगरानी रखी जा रही है और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिला प्रशासन और एसजेटीए ने भीड़ को नियंत्रित करने व श्रद्धालुओं के लिए सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। पुलिस ने कड़े सुरक्षा उपायों के अलावा विभिन्न यातायात नियम भी लागू किए हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

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