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Delhi: झुलसाती गर्मी के बीच दिल्ली में बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जानें कितनी पहुंची खपत

Delhi News: दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड 8,656 मेगावाट पर पहुंच गई है। बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के अधिकारियों ने बताया कि इस साल 22 मई से अबतक दिल्ली में अधिकतम बिजली मांग नौ बार 8,000 मेगावाट से अधिक रही है। बिजली वितरण कंपनियों ने यह जानकारी दी।

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फाइल फोटो।

Delhi's Power Demand: भीषण गर्मी और झुलसाती हवाओं से मुहाल राष्ट्रीय राजधानी में बिजली की अधिकतम मांग बुधवार को 8,656 मेगावाट के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। यह दिल्ली में बिजली की अबतक की सर्वाधिक मांग है। बिजली वितरण कंपनियों ने यह जानकारी दी। एक दिन पहले मंगलवार को दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग 8,747 मेगावाट रही थी जो इसका पिछला उच्चतम स्तर है।

पहली बार 8,000 मेगावाट के पार पहुंची थी डिमांड?

बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के अधिकारियों ने बताया कि इस साल 22 मई से अबतक दिल्ली में अधिकतम बिजली मांग नौ बार 8,000 मेगावाट से अधिक रही है। शहर में बिजली की अधिकतम मांग 22 मई, 2024 को पहली बार 8,000 मेगावाट के पार पहुंची थी। दिल्ली में बिजली की मांग का आंकड़ा दर्ज करने वाले स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के मुताबिक बिजली मांग बुधवार दोपहर तीन बजकर छह मिनट पर 8,656 मेगावाट तक पहुंच गई।

मंगलवार को न्यूनतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस

मौसम विभाग ने कहा कि मंगलवार को दिल्ली के निवासियों को पिछले 12 साल की सबसे गर्म रात का सामना करना पड़ा। मंगलवार रात को न्यूनतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं दिन का अधिकतम तापमान भी 44 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है।

45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ तापमान

दिल्ली में अधिकतम तापमान पिछले कई दिन से लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। भीषण गर्मी के बीच एयर कंडीशनर और कूलर का इस्तेमाल बढ़ने से राष्ट्रीय राजधानी में बिजली की मांग में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस के एक अधिकारी ने कहा, 'भीषण गर्मी में लोग एयर कंडीशनर और ठंडक देने वाले अन्य उपकरणों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे बिजली की मांग बढ़ गई। अनुमान है कि घरेलू और वाणिज्यिक बिजली खपत में एयर कंडीशनर का हिस्सा 30-50 प्रतिशत तक हो सकता है।'

दिल्ली के उत्तरी भाग में बिजली वितरण करने वाली टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. (टाटा पावर डीडीएल) के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने अबतक की अधिकतम बिजली मांग 2,460 मेगावाट को सफलतापूर्वक पूरा किया है। प्रवक्ता ने कहा, 'मांग पूरा करने के लिए दीर्घकालीन बिजली खरीद समझौता समेत अन्य उपाए किए गए हैं।'

बिजली की अधिकतम मांग के लिए लगाया था ये अनुमान

बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली में भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगभग 2,100 मेगावाट हरित बिजली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बिजली वितरण कंपनियों ने इस साल की गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 8,200 मेगावाट तक पहुंचने का शुरुआती अनुमान जताया था।

दिल्ली में आमतौर पर अधिकतम बिजली मांग जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में सामने आती रही है लेकिन अब यह जून के मध्य में ही देखने को मिल रही है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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