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'केजरीवाल महलों में सो रहे, हमें सैलरी नहीं मिल रही', CM आवास के बाहर छलका शिक्षकों का दर्द; जानें सारा माजरा

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 13, 2024, 09:47 AM IST

Delhi News: दिल्ली में सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) शिक्षकों ने सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर देर रात विरोध प्रदर्शन तक किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि केजरीवाल और यहां की शिक्षा मंत्री 500 मीटर की दूरी पर आराम से अपने कमरों में और महलों में सो रहे हैं, हमें सैलरी नहीं मिली है।

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दिल्ली में एसएसए शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन।

Photo : Times Now Digital

SSA Teachers Protest: सर्व शिक्षा अभियान के तहत काम करने वाले शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार देर रात तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हाथों में बैनर लिए एकत्रित शिक्षकों ने दिल्ली सरकार से अपने लिए न्याय मांगा। इस मौके पर प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने अपना दर्द बयां किया।

'महलों में सो रहे केजरीवाल, हमें सैलरी नहीं मिली'

दिल्ली के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर धरने पर बैठी महिला शिक्षकों ने कहा, 'आज हम महिला शिक्षक होते हुए भी खुले आसमान के नीचे अनशन पर बैठे हुए हैं और केजरीवाल और यहां की शिक्षा मंत्री 500 मीटर की दूरी पर आराम से अपने कमरों में और महलों में सो रहे हैं। हमें सैलरी नहीं मिली है, बीते दो साल से हम दिक्कतों का सामना करके जीवन यापन कर रहे हैं।'

'बिना सैलरी के अपना घर चलाकर दिखाएं CM और मंत्री'

उन्‍होंने कहा, 'दिल्ली के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री बिना सैलरी के अपना घर चलाकर दिखाएं। हम लोग मरने पर मजबूर हो गए हैं, किराए के मकान में रहते हैं, किराया भी नहीं दे पा रहे हैं। हमारे पास किराए देने की अब हैसियत नहीं रही है। हमारा कोर्ट का ऑर्डर भी आया था कि टीजीटी को पीआरटी में कन्वर्ट नहीं कर सकते। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश को ना मानते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नियमों को नजरंदाज किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री इतनी डिक्टेटरशिप में आ गए हैं कि उन्‍होंने हमें टीजीटी से प्राइमरी टीचर बनाकर एमसीडी में ट्रांसफर कर दिया है, सिर्फ यह दिखाने के लिए कि दिल्ली नगर निगम में टीचरों की कोई कमी नहीं है और सब कुछ सुचारु रूप से चल रहा है, जबकि असलियत इन सब के उलट है।'

हम कोई गलत मांग नहीं कर रहे, हमारी मांग जायज- शिक्षक

शिक्षिकाओं ने कहा, 'एक तरफ दिल्ली सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है और आज महिला टीचर आधी रात को सड़क पर अपने हक की जायज मांगों को लेकर खुले आसमान की छत के नीचे धरना देने पर मजबूर हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पास में ही दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्री भी रहते हैं, अधिकारी भी रहते हैं, लेकिन कोई अभी तक हमें यहां देखने के लिए नहीं आया है। हम लोग कोई गलत मांग नहीं कर रहे हैं। हमारी मांग जायज है, ना तो दिल्ली सरकार का कोई बड़ा अधिकारी यहां पर आया और ना ही कोई मंत्री यहां पर हमसे बातचीत के लिए आया है। इतनी रात को हम लोग यहां पर खुले आसमान की छत के नीचे बैठे हुए हैं।'

उन्‍होंने कहा, 'हम अपना घर छोड़कर सड़क पर बैठी हुई हैं, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हम कितने मजबूर हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से हमारी हाथ जोड़कर विनती है कि कृपया अपने दिमाग को सुचारु रूप से चलाएं। हमारी मांगों को सुनें और चुनावी माहौल से हटकर हम लोगों के बारे में सोचें। दिल्ली सरकार को शिक्षा पर भी थोड़ा बहुत ध्यान देना चाहिए और हमारी बातों पर सुनवाई करें। हम यही चाहते हैं दिल्ली सरकार सिर्फ दिखावे का महिला सशक्तिकरण की बात ना करे। ईमानदारी के साथ काम करे और हमारे साथ जो अन्याय हो रहा है, उसे रोके।'

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