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ED के सामने आज भी पेश नहींं होंगे अरविंद केजरीवाल, समन को फिर बताया गैरकानूनी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 18, 2024, 09:49 AM IST

Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी की ओर से कहा गया है कि जब कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल गई है तो ED बार-बार समन क्यों भेज रही है? आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर से ईडी के समन को अवैध व गैरकानूनी बताया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि केजरीवाल ईडी के समक्ष पेश नहीं होंगे।

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ईडी के सामने पेश नहीं होंगे अरविंद केजरीवाल

Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आज भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश नहींं होंगे। अरविंद केजरीवाल ने ईडी के नए समन को भी गैर कानूनी बताया है। आम आदमी पार्टी की ओर से कहा गया है कि जब कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल गई है तो ED बार-बार समन क्यों भेज रही है? बता दें, ईडी ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नया मामला खोलते हुए दिल्ली जल बोर्ड मामले में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए उन्हें समन जारी किया था।

इससे पहले ईडी ने शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत अरविंद केजरीवाल को कई समन भेजे हैं। हालांकि, केजरीवाल ने उन समन को भी गैरकानूनी बताते हुए अदालत का रुख किया था। कोर्ट ने केजरीवाल को राहत देते हुए जमानत दे दी है। इसके तुरंत बाद ईडी ने केजरीवाल के खिलाफ नया मामला खोला था और दिल्ली जल बोर्ड में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत पूछताछ के लिए समन जारी किया था।

गिरफ्तारी की आशंका जता चुके हैं अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ईडी द्वारा उन्हें गिरफ्तारी करने की साजिश रचे जाने की आशंका जता चुके हैं। अरविंद केजरीवाल का आरोप है कि बीजेपी सरकार उन्हें लोकसभा चुनावों में प्रचार करने से रोकना चाहती है। इसके लिए उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है। यही कारण है कि ईडी बार-बार उन्हें अवैध तरीके से समन भेज रही है।

आरोपों को बताया निराधार

आम आदमी पार्टी ने शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को निराधार बताया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि दिल्ली शराब नीति में एक भी पैसे का घोटाला नहीं हुआ है और न ही ईडी आज तक एक भी पैसे का भ्रष्टाचार निकाल पाई है। बता दें, इससे पहले ईडी शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह जैसी कई नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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