जैश से हुई थी लेडी डॉक्टर शाहीन को फंडिंग!
दिल्ली के लालकिले ब्लास्ट मामले में लेडी डॉक्टर शाहीन को लेकर सूत्रों के हवाले से बड़ा खुलासा सामने आ रहा है। कहा जा रहेगा मिनी रिक्रूट-कमांड सेंटर के लिए लेडी डॉक्टर शाहीन को फंडिंग जैश से हुई थी। इसे लेकर जो बातें सामने आ रही हैं उसके मुताबिक बताया जा रहा है कि शाहीन सहारनपुर और हापुड़ में मिनी रिक्रूट-कमांड सेंटर के लिए कोई ऐसी जगह ढूंढ रही थी जो शहर से थोड़ा बाहरी इलाके में हो और वहां लोगों की गतिविधियां कम हो।
जो खुलासे सामने आ रहे हैं उसके मुताबिक-
शाहीन इस सेन्टर में अंदर आतंकी ट्रेनिंग देती और बाहर NGO यानी संस्था का काम दिखाया जाता था।
मौजूदा समय मे चल रही कुछ संस्था से इसके लिए बाकायदा संपर्क भी किया था शाहीन ने।
मुस्लिम गरीब लड़कियों की पढ़ाई और गरीबों का इलाज कराने के लिए फाउंडेशन बनाने की तैयारी थी ताकि टेरर फंडिंग में आने वाला पैसा जांच एजेंसियों की रडार पर नहीं आता।
पिछले 6 महीने से शाहीन सेन्टर को बनाने के लिए तैयारी कर रही थी।
6 सेन्टर में कुल 10 बड़े कमरे और एक तहखाने में बड़ा सा ट्रेनिंग हाल बनाने की तैयारी थी इसके लिए बाकायदा बड़ी जगह ढूंढी जा रही थी।
इस सेन्टर में जैमर का प्रयोग होता ताकि ट्रेनिंग करने वाली लड़कियां सोशल मीडिया से दूरी रखे और मकसद से न भटकें।
इस सेन्टर में समय समय पर जैश के आतंकियों को कभी मौलवी तो कभी प्रबुद्ध वर्ग का बता कर उनके लेक्चर कराए जाते ताकि वो ट्रेनिंग करने वाली लड़कियों को जिहाद की तरफ पूरी तरह से धकेल सकें।
इस सेन्टर में आतंकी ट्रेनिंग लेने आनी वाली महिलाओं को मुंतजिमा नाम दिया जाता।
केवल ट्रेनिंग सेंटर में बाहरी हिस्से में ही अस्थायी दवाखाना और मुस्लिम छोटी लड़कियों के लिए स्कूल खोला जाता बाकी के हिस्से में हॉस्टल होता जिसमे ट्रेनिंग करने वाली लड़कियां रहती थीं।
यहीं लड़कियां शिफ्ट के अनुसार अस्थायी दवाखाना में काम करती और स्कूल में छोटी बच्चियों को पढ़ाती भी थीं।
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