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अपने रूसी समकक्ष के साथ बैठक करेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एजेंडे में S-400 सहित रक्षा सहयोग के कई मुद्दे

रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कुछ बड़े रक्षा समझौते हो सकते हैं और रक्षा सहयोग नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। पुतिन के साथ रूस के रक्षा मंत्री एंद्रेई बेलोउसोव भी भारत आ रहे हैं। रूसी रक्षा मंत्री की गुरुवार शाम पांच बजे अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ बैठक होगी। इस बैठक में रक्षा सहयोग एवं समझौते के बारे में अहम निर्णय हो सकते हैं।

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भारत और रूस के बीच हो सकते हैं रक्षा समझौते। तस्वीर-AP/PTI

Andrei Belousov : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिनों की यात्रा पर चार दिसंबर को दिल्ली पहुंच रहे हैं। पुतिन की इस भारत यात्रा पर दुनिया भर की नजरें लगी हैं। रूसी राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिष्टमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता होनी है। रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कुछ बड़े रक्षा समझौते हो सकते हैं और रक्षा सहयोग नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। पुतिन के साथ रूस के रक्षा मंत्री एंद्रेई बेलौसोव भी भारत आ रहे हैं। रूसी रक्षा मंत्री की गुरुवार शाम पांच बजे अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ बैठक होगी। इस बैठक में रक्षा सहयोग एवं समझौते के बारे में अहम निर्णय हो सकते हैं।

बृहस्पतिवार को होने वाली वार्ता में एस-400 मिसाइल प्रणाली की खरीद, सुखोई 30 लड़ाकू विमानों के उन्नयन और रूस से अन्य महत्वपूर्ण सैन्य साजो सामान खरीदने में भारत की रुचि एजेंडे में रहेगी। शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने बताया कि समग्र ध्यान दोनों देशों के बीच पहले से ही घनिष्ठ रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और विस्तारित करने पर होगा, जिसमें रूस से भारत को सैन्य साजो सामान की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बेलौसोव रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। राजनाथ सिंह और आंद्रे बैलोसोव के बीच यह वार्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पुतिन के बीच शिखर बैठक से एक दिन पहले होगी।

एस-400 की अतिरिक्त खेप खरीदने पर भी विचार

बेलौसोव के साथ बैठक में, भारतीय पक्ष द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर सैन्य साजो सामान की आपूर्ति पर जोर दिए जाने की संभावना है। सशस्त्र बलों की यह लंबे समय से शिकायत रही है कि रूस से महत्वपूर्ण पुर्जों और उपकरणों की आपूर्ति में लंबा समय लगता है, जिससे उस देश से खरीदी गई सैन्य प्रणालियों का रखरखाव प्रभावित होता है। ऐसा माना जा रहा है कि भारत रूस से सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइल प्रणालियों की अतिरिक्त खेप खरीदने पर विचार कर रहा है, क्योंकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ये हथियार बेहद कारगर साबित हुए थे। एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा वार्ता में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।

एस-500 खरीदने पर भी विचार कर सकता है भारत

अक्टूबर 2018 में, भारत ने रूस के साथ एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की पांच इकाइयों को खरीदने के लिए पांच अरब अमरीकी डालर के समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अनुबंध पर आगे बढ़ने से ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (सीएएटीएसए) के प्रावधानों के तहत अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हैं। तीन स्क्वाड्रन की आपूर्ति पहले ही हो चुकी है। एस-400 प्रणालियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारत रूस से एस-500 मिसाइल प्रणाली खरीदने पर भी विचार कर सकता है। रूसी सत्ता प्रतिष्ठान ‘क्रेमलिन’ के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा कि रूस द्वारा भारत को एसयू-57 लड़ाकू विमान की आपूर्ति की संभावना पर चर्चा हो सकती है। भारत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की एक खेप खरीदने की प्रक्रिया में है। दसॉ एविएशन का राफेल, लॉकहीड मार्टिन का एफ-21, बोइंग का एफ/ए-18 और यूरोफाइटर टाइफून मुख्य दावेदार हैं।

पिछली बार 2021 में भारत आए थे पुतिन

मोदी-पुतिन शिखर बैठक में भारत-रूस के समग्र रक्षा संबंधों की समीक्षा होने की भी संभावना है। भारत और रूस संबंधों के संपूर्ण आयाम की समीक्षा के लिए प्रतिवर्ष भारत के प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच एक शिखर बैठक आयोजित होती है। अब तक भारत और रूस में बारी-बारी से 22 वार्षिक शिखर बैठकें हो चुकी हैं। रूस के राष्ट्रपति ने आखिरी बार 2021 में नयी दिल्ली का दौरा किया था। पिछले साल जुलाई में, प्रधानमंत्री मोदी वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मॉस्को गए थे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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