देश

राजनाथ सिंह को दिल्ली AIIMS से मिल गई छुट्टी, जानें अब कैसी है उनकी तबीयत

Rajnath Singh Health Update: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। एम्स दिल्ली ने एक आधिकारिक बयान में इस बात की जानकारी साझा की है। उन्हें बृहस्पतिवार को पीठ दर्द की शिकायत के कारण दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर है।

Image

राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री।

Rajnath Singh Discharged From Delhi AIIMS: देश के रक्षा मंत्री को पीठ दर्द की शिकायत के चलते दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद उन्हें अब अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। दिल्ली एम्स की ओर से बयान जारी करके ये जानकारी साझा की गई है। राजनाथ सिंह को पीठ दर्द की शिकायत के बाद पुराने प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराया गया था।

राजनाथ सिंह को अस्पताल से मिली छुट्टी

एम्स दिल्ली ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया और ये बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

पीठ दर्द की शिकायत के कारण AIIMS में भर्ती

राजनाथ सिंह को बृहस्पतिवार को पीठ दर्द की शिकायत के कारण दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने 11 जुलाई की देर रात ये जानकारी साझा की थी। एम्स की मीडिया प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. रीमा दादा ने उस वक्त बताया था कि उनकी हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। फिलहाल उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करने की पुष्टि कर दी गई है। । बता दें, बीते 10 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ का जन्मदिन था। जन्मदिन के अगले ही दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई और पीठ दर्द की शिकायत सामने आई थी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बारे में जानिए

भारतीय जनता पार्टी की वेबसाइट के अनुसार, 10 जुलाई 1951 को उत्तर प्रदेश के बाभोरा गांव, तहसील चकिया, जिला वाराणसी (अब जिला चंदौली में स्थित) में रामबदन सिंह और गुजराती देवी के घर राजनाथ सिंह का जन्म हुआ। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा अपने गांव से पूरी की और आगे की पढ़ाई करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय से एमएससी फिजिक्स में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। मिर्जापुर जिले के पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में बतौर फिजिक्स लेक्चरर का कार्यभार संभाला।

राजनाथ सिंह ने दो-दो बार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद को संभाला है। वर्ष 2005 से 2009 तक और 2013 से 2014 तक राजनाथ सिंह भाजपा अध्यक्ष रहे हैं। वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। इसके पहले उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में परिवहन मंत्री का पद भी संभाला। मोदी सरकार 1 में वो देश के गृह मंत्री रहे और 2019 से अब तक वो भारत के रक्षा मंत्री हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article