Damoh School Conversion: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ पदाधिकारियों ने दमोह के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पर छात्राओं की वर्दी संबंधी विवाद में शामिल एक निजी स्कूल का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को स्याही फेंक दी। घटना उस समय हुई जब दोपहर में डीईओ एस के मिश्रा का वाहन कार्यालय परिसर से बाहर जा रहा था।
किसने ली जिम्मेदारी
भाजपा के दमोह जिला उपाध्यक्ष अमित बजाज ने स्याही फेंकने की जिम्मेदारी ली है। भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष वी डी शर्मा ने इस घटना की निंदा की है। राज्य के शिक्षा विभाग ने पिछले हफ्ते गंगा-जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मान्यता निलंबित कर दी थी, क्योंकि एक पोस्टर में हिंदू छात्राओं सहित लड़कियों को वर्दी के हिस्से के तौर पर हिजाब की तरह दिखने वाले हेड स्कार्फ को पहने हुए दिखाया गया था।
क्या है आरोप
स्कूल के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि हिंदू छात्राओं को स्कूल में हिजाब पहनने और नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। प्रारंभ में डीईओ ने स्कूल को क्लीन चिट दी थी लेकिन बाद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर जिलाधिकारी ने एक जांच समिति का गठन किया। डीईओ पर स्याही फेंके जाने के बाद बजाज ने आरोप लगाया कि मिश्रा ने मामले को दबाने की कोशिश की जबकि उन्हें स्कूल में अवैध गतिविधियों की जानकारी थी। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मिश्रा ने कहा कि कुछ संदिग्धों ने अचानक स्याही फेंक दी तथा वह उनके नाम नहीं जानते।
पुलिस ने क्या कहा
मिश्रा ने कहा कि उन्होंने स्कूल के मामले में कोई जांच नहीं की और आरोप के विपरीत उनका उससे सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है। दमोह के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि अभी तक स्याही फेंके जाने की कोई शिकायत नहीं मिली है।
भाजपा ने क्या कहा
वी डी शर्मा ने ट्वीट किया कि गंगा जमुना स्कूल की घटना में कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को दंडित किया जाएगा, लेकिन किसी को भावनाओं में बहकर सरकारी अधिकारी पर स्याही फेंकने जैसा कृत्य करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करती। घटना के बाद भाजपा की जिला इकाई के प्रमुख प्रीतम सिंह लोधी ने बजाज, स्थानीय पदाधिकारी मोंटी रैकवार और एक अन्य नेता को उनकी संलिप्तता के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
