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Cyclone Tej: आज दोपहर तक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलेगा साइक्लोन 'तेज', मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 22, 2023, 07:14 AM IST

Cyclone Tej: मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि अरब सागर में उठा चक्रवात 'तेज' शनिवार का एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। अगले 24 घंटों में इसके और गहरे दबाव में बदलने की संभावना है। इसको लेकर आंध्र और तमिलनाडु के तटों पर तटरक्षक बलों को भी अलर्ट किया गया है।

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चक्रवाती तूफान 'तेज'

Photo : Twitter

Cyclone Tej: अरब सागर में उठा चक्रवात 'तेज' शनिवार का एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। अब मौसम विभाग ने इसको लेकर अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से कहा गया है कि अरब सागर के ऊपर बन रहे चक्रवात 'तेज' के रविवार दोपहर से पहले बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।

IMD ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान 'तेज' 21 अक्टूबर को 23:30 बजे दक्षिण पश्चिम अरब सागर पर यमन के सोकोट्रा के 330 किमी पूर्व दक्षिण पूर्व, ओमान के सलालाह के 690 किमी दक्षिण पूर्व और अल ग़ैदा (यमन) के 720 किमी पूर्व पर केंद्रित था। 22 अक्टूबर की दोपहर से पहले यह एक अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने या फिर और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आगे कहा है कि अरब सागर के ऊपर तूफान 25 अक्टूबर की सुबह अल ग़ैदा (यमन) और सलालाह (ओमान) के बीच से गुजरने की संभावना है। आईएमडी ने आगे कहा कि अगले 24 घंटों में इसके और गहरे दबाव में बदलने की संभावना है।

ओमान और यमन की तरफ बढ़ेगा चक्रवाती तूफान

मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर WML एक डिप्रेशन में केंद्रित है और 21 अक्टूबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, पारादीप (ओडिशा) से लगभग 620 किमी दक्षिण, दीघा (पश्चिम बंगाल) से 780 किमी दक्षिण और खेपुपारा (बांग्लादेश) के किमी 900किमी पर स्थित है। इससे पहले IMD ने कहा था कि दक्षिण-पूर्व और निकटवर्ती दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र एक अवसाद में बदल गया है और रविवार तक इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर दक्षिण ओमान और आसपास के यमन तटों की ओर बढ़ना जारी रखेगा।

अलर्ट पर तटरक्षक बल

दूसरी तरफ चक्रवाती तूफान को लेकर तटरक्षक बल अलर्ट मोड पर हैं। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व और पूर्वी मध्य में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने के चलते आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु तट पर मछुआरों को वापस बंदरगाह लौटने की सलाह दी गई है। साथ ही आंध्र और तमिलनाडु तट से सटे पानी में कई जहाजों को भी तैनात किया गया है, जिसे जानमाल के नुकसान को रोका जा सके।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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