CRPF School Blast: क्या देश की राजधानी दिल्ली को दहलाने की कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। सीआरपीएफ स्कूल ब्लास्ट के बाद सूत्रों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। घटनास्थल पर धुएं का गुबार उठता हुआ नजर आया। विस्फोट के बाद का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें घना सफेद धुआं नजर आ रहा है। सूत्रों ने दावा किया है कि ये धमाका इसलिए किया गया, क्योंकि साजिशकर्ता एंजेंसी को कोई संदेश देना चाहता था।
सीआरपीएफ स्कूल में पांच केटेगरी में स्टूडेंट्स को सिलेक्ट किया जाता है।
1- सीआरपीएफ ऑफिसर्स के बच्चो को।
2- सीआरपीएफ के रिटायर्ड और हैंडीकैप अफसरों के बच्चो को।
3- दूसरी पैरामिलिट्री फोर्सेस पर्सनल के बच्चों को जैसे आईटीबीपी, बीएसएफ और अन्य।
4- डिफेंस फोर्सेस में तैनात अफसरों के बच्चों को।
5 - अगर सीट बचती है तो नॉन सर्विस वाले लोगो के बच्चों को ट्रेन किया जाता है।
आईजी सीआरपीएफ एडमिन के सुपरविजन में सीआरपीएफ स्कूल चलता है। सूत्रों के मुताबिक जिसने बम प्लांट किया वो एजेंसी को एक मैसेज और सिग्नल देना चाहता था। बम प्लांट करने वाले ने बम प्लांट करके मैसेज देने के लिए सीआरपीएफ के स्कूल की दीवार को चुना।
संदिग्ध ने सुबह का वक्त चुना और सेंट्रल दिल्ली या भीड़ का समय बम प्लांट करने का नहीं चुना। जिस तरह से सुबह का वक्त और दीवार साइड बम प्लांट किया गया, उससे संदिग्ध की मंशा साफ है, मकसद बस मैसेज देना था कोई बड़ा ब्लास्ट करना नहीं।
बम प्लांट करने का मकसद पता लगाने में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियों को मौके से जो सफेद पाउडर मिला है, उसमें शक है इस देसी बम, कच्चे बम जिसे क्रूड कहा जाता है। उसमें ऐमोनियम पोस्फेट और कुछ कैमिकल्स मिलाकर बम बनाया गया होगा। हालांकि एफएसएल, सीआरपीएफ और एनएसजी ने जो ब्लास्ट के बाद मौके से कण जुटाए हैं, जांच के बाद एग्जेक्ट कैमिकल का पता लग पाएगा, कुछ वायर मिले हैं पर वो पहले से स्पॉट पर थे या नहीं ये जांच की जा रही है। गृह मंत्रालय को जांच एजंसी रिपोर्ट सौपेंगी, जिसके बाद बम प्लांट करने का मकसद पता लग पाएगा।
पुलिसकर्मियों समेत बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा
दिल्ली में रोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में सी.आर.पी.एफ स्कूल के पास रविवार सुबह एक जोरदार धमाका हुआ, लेकिन इसके कारण कोई हताहत नहीं हुआ है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि रोहिणी के सेक्टर-14 में सी.आर.पी.एफ स्कूल के पास सुबह करीब सात बजकर 50 मिनट पर धमाका हुआ था, जिसके बाद बम निरोधक दस्ता और पुलिस की एक फोरेंसिक टीम विस्फोट होने के कारण का पता लगाने के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि इस धमाके में स्कूल की दीवार, पास की दुकानें और एक कार को नुकसान पहुंचा है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने बताया कि उन्हें सीआरपीएफ स्कूल की ‘चारदीवारी के पास’ में धमाका होने की सूचना मिली थी। डीएफएस के अधिकारियों ने बताया, 'सूचना मिलने के बाद हमने तुरंत दमकल की दो गाड़ियों को मौके पर भेजा। धमाका होने के कारण आग नहीं लगी है और न ही कोई घायल हुआ है, इसलिए हमारी गाड़ी वापस लौट आई।' एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हमारी फोरेंसिक टीम और अपराध इकाई घटनास्थल से नमूने एकत्र करने के लिए मौके पर मौजूद है। एक पटाखे के कारण यह धमाका हो सकता है, लेकिन हम इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।' पुलिस ने बताया कि वे घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि उसे सुबह 7.47 बजे एक जोरदार धमाका होने की सूचना मिली थी। उसने बताया, 'धमाका होने से स्कूल की दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई और वहां दुर्गंध आ रही थी। प्रशांत विहार के थाना प्रभारी और अन्य कर्मी मौके मौजूद हैं। पास की दुकान और दुकान के पास खड़ी कार के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है।' पुलिस ने बताया, 'अपराध शाखा की टीम, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) टीम और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया है। घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है। दमकल विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद है।'
पुलिस ने कहा कि वे विस्फोट के कारण का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एक स्थानीय ने बताया, 'सुबह करीब 7.30 बजे हमने बहुत तेज आवाज सुनी। हमें लगा कि पास में ही कोई एलपीजी सिलेंडर फट गया है। हमने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को मामले की जानकारी दी। कई दुकानों के शीशे टूट गए हैं।' पास में रहने वाले राकेश गुप्ता ने बताया कि धमाका होने के तुरंत बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। गुप्ता ने बताया, 'हम इस बात को लेकर बहुत उलझन में हैं कि आखिर क्या हुआ है। पुलिस की कई टीम जांच कर रही हैं।' घटनास्थल के बहुत करीब चश्मे की दुकान के मालिक सुमित ने बताया, 'मेरी खिड़की के शीशे टूट गए। मेरी दुकान के अंदर का सारा सामान जमीन पर गिर गया। यह बहुत तेज धमाका था।'
