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Rae Bareli Lynching: 'भीड़ तंत्र को सत्ता का संरक्षण, संविधान की जगह बुलडोजर ने ली', सरकार पर बरसे राहुल-खरगे

राहुल गांधी ने यह संयुक्त बयान एक्स पर साझा करते हुए कहा, रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या सिर्फ एक इंसान की नहीं बल्कि इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है। आज भारत में दलित, आदिवासी, मुसलमान, पिछड़े और गरीब - हर उस व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है, जिसकी आवाज कमजोर है...

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राहुल गांधी और खरगे का सरकार पर निशाना (File Photo: PTI)

Rahul Gandhi-Kharge on Rae bareli Lynching: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में एक दलित व्यक्ति की हत्या की घटना को लेकर सरकार को निशाने पर लिया। राहुल ने मंगलवार को कहा कि हिंसा और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है, जहां संविधान की जगह बुलडोजर और इंसाफ की जगह डर ने ले ली है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ एक संयुक्त बयान में दलित व्यक्ति हरिओम वाल्मीकि की हत्या को संविधान के प्रति घोर अपराध भी करार दिया और कहा कि वर्ष 2014 के बाद से मॉब लिंचिंग, 'बुलडोजर अन्याय और भीड़तंत्र हमारे समय की भयावह पहचान बन चुके हैं।

रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या

राहुल गांधी ने यह संयुक्त बयान एक्स पर साझा करते हुए कहा, रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या सिर्फ एक इंसान की नहीं बल्कि इंसानियत, संविधान और न्याय की हत्या है। आज भारत में दलित, आदिवासी, मुसलमान, पिछड़े और गरीब - हर उस व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा है, जिसकी आवाज कमजोर है, जिसकी हिस्सेदारी छीनी जा रही है, और जिसकी जिंदगी सस्ती समझी जाती है। उन्होंने दावा किया किया कि देश में नफरत, हिंसा और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है, जहां संविधान की जगह बुलडोज़र ने ले ली है, और इंसाफ की जगह डर ने ले ली है।

हरिओम के परिवार को न्याय जरूर मिलेगा

राहुल ने कहा, मैं हरिओम के परिवार के साथ खड़ा हूं। उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। भारत का भविष्य समानता और मानवता पर टिका है और यह देश चलेगा संविधान से, भीड़ की सनक से नहीं। कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा, हमारे देश में एक संविधान है, जो हर इंसान को समानता के भाव से पहचानता है। एक कानून है, जो हर नागरिक की सुरक्षा, उसके अधिकार और उसकी अभिव्यक्ति को समान दर्जा देता है। जो रायबरेली में हुआ, वह इस देश के संविधान के प्रति घोर अपराध है।

लित समुदाय के प्रति अपराध इस देश व समाज पर कलंक

उनका कहना है कि दलित समुदाय के प्रति अपराध इस देश व समाज पर कलंक है। खरगे और राहुल गांधी ने कहा, देश में दलितों, अल्पसंख्यकों और ग़रीबों पर अपराध की संख्या हद से ज्यादा बढ़ चुकी है। यह हिंसा सबसे अधिक उन्हीं पर होती है जो वंचित हैं, बहुजन हैं, जिनकी न पर्याप्त हिस्सेदारी है, न प्रतिनिधित्व है। उन्होंने यह भी कहा, चाहे हाथरस और उन्नाव में महिलाओं के खिलाफ अपराध हों, रायबरेली में हरिओम की हत्या, या कुछ समय पहले रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या, मध्य प्रदेश में एक नेता द्वारा आदिवासी युवक पर पेशाब करने की अमानवीय घटना, ओडिशा और मध्य प्रदेश में दलितों की निर्मम पिटाई, या फिर हरियाणा के पहलू खान और उत्तर प्रदेश के अखलाक की हत्या हो, हर घटना हमारे समाज, प्रशासन और सत्ताधारी शक्तियों की बढ़ती हुई संवेदनहीनता का दर्पण है।

कहा- 2014 के बाद से मॉब लिंचिंग, बुलडोजर अन्याय बनी भयावह पहचान

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, 2014 के बाद से मॉब लिंचिंग, बुलडोजर अन्याय और भीड़तंत्र जैसी प्रवृत्तियां हमारे समय की भयावह पहचान बन चुकी हैं। उन्होंने कहा, हिंसा किसी भी सभ्य समाज की निशानी नहीं हो सकती इसलिए हरिओम के साथ जो हुआ, वह हमारी सामूहिक नैतिकता पर गहरा प्रश्न है। खरगे और राहुल गांधी ने कहा, डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत और महात्मा गांधी के ‘वैष्णव जन...’ का भारत सामाजिक न्याय, समानता और संवेदना का भारत है, जिसमें ऐसे अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं है। मानवता ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी समाज के वंचित और कमजोर तबकों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस नेताओं ने कहा, हम नागरिकों से आह्वान करते हैं कि वे इस अन्याय के विरुद्ध एकजुट हों। यह लड़ाई तब तक जारी रहनी चाहिए, जब तक हर भारतीय के अधिकारों और जीवन की गरिमा को पूर्ण सुरक्षा नहीं मिल जाती।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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