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Corona Virus in India: एक बार फिर कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, एक दिन में 10 हजार से ज्यादा मामले और 38 मौतें

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 19, 2023, 11:40 AM IST

Corona Virus in India: बीते दो दिनों से कोरोना मामलो में गिरावट के बाद एक बार फिर से 10 हजार से ज्यादा नए मरीज सामने आए हैं। अब देश में सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 63562 पहुंच गई है।

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देश में आज 10 हजार से ज्यादा कोरोना मामले

Photo : BCCL

Corona Virus in India: देश में कोरोना मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। दो दिन दैनिक केस घटने के बाद कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर से डराया है। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में में देशभर में 10542 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 63562 पहुंच गई है। जबकि, बीते दो दिनों से देश में 10 हजार से कम मामले सामने आ रहे थे। इससे पहले लगातार चार दिनों तक 10 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में 24 घंटों में 38 मौतों हुई हैं। इसमें केरल ने 11 मौतों का मिलान किया है। इसके बाद देश में कोरोना मृतकों की संख्या बढ़कर 531190 पहुंच गई है। वहीं देश में अब तक कोरोना से 4.47 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं।

संक्रमण दर 4.50 प्रतिशत के करीब

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में बढ़ती कोरोना की रफ्तार के कारण दैनिक संक्रमण दर 4.39% पहुंच गई है। वहीं साप्ताहिक संक्रमण दर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक, साप्ताहिक दर 5.1 प्रतिशत पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में अब तक कोरोना की मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत के करीब है। वहीं देश में अब तक 220.66 लोगों को कोरोना की खुराक दी जा चुकी है।

केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा संक्रमण

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र देश के सबसे ज्यादा संक्रमण वाले राज्यों में से एक हैं। आंकड़ों के मुताबिक, केरल में बीते 24 घंटों में 2041 नए मामले सामने आए तो दिल्ली में 1537 केस दर्ज किए गए । इसके अलावा महाराष्ट्र में कोरोना के 949 नए मामले मिले। वहीं अन्य राज्यों की बात करें तो कर्नाटक में 379 कोरोना केस एक दिन में दर्ज किए गए। इसके अलावा तमिलनाडु में 527 और उत्तर प्रदेश में 818 नए मामले सामने आए हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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