देश

डरा रहा कोरोना: कई राज्यों में फेस मास्क अनिवार्य, आज फिर सामने आए 5000 से ज्यादा मामले

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 9, 2023, 11:03 AM IST

covid-19 cases Today: देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते 24 घंटे में पांच हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिसके बाद सक्रिय मरीजों की संख्या 32 हजार पार कर गई है। दिल्ली, केरल ओर उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में फेस मास्क अनिवार्य कर दिया गया है।

Image

देश में कोरोना के मामले

Photo : ANI

Corona virus cases in India: देश में तेजी से बढ़ता कोरोना संक्रमण स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में सामने आ रहे मामलों के बाद धीरे-धीरे कोरोना को लेकर पाबंदिया भी लागू होने लगी हैं। इसमें कई राज्यों में फेस मास्क की वापसी हुई है, तो वहीं कई जगहों पर सामाजिक दूरी और मास्क को अपनाने की सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में रविवार को 5,357 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। भले ही शनिवार के मुकाबले यह संख्या कम हो, लेकिन पांच हजार से ज्यादा मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब देश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 32,814 पहुंच गई है।

11 लोगों की हुई मौत

केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में बीते 24 घंटों में कोरोना से 11 लोगों की मौत हुई है। अब कोरोना से हुई कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर 5,309,65 पहुंच गया है। वहीं मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है।

केरल में गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों के लिए मास्क अनिवार्य

जानकारी के मुताबिक, केरल सरकार ने गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया है। यहां तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। राज्य में शनिवार को कोरोना वायरस के 1,801 नए मामले सामने आए थे। यहां कोरोना से होने वाली अधिकांश मौतों (85%) की रिपोर्ट में सामने आया था कि मृतकों में 60 साल से ऊपर के व्यक्ति और मधुमेह जैसी बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति शामिल थे।

यूपी में भी पाबंदिया लागू

उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे मामलों के बाद सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही पॉजिटिव केसाों की जीनोम सिक्वेंसिंग कराने के लिए कहा गया है। वहीं एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की गहनता से जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, यहां अधिकारियों को टेस्टिंग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर 23 प्रतिशत के पार पहुंच गई है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article