वैश्विक स्तर पर मामलों में अचानक उछाल के बीच भारत ने कोविड-19 की स्थिति को संभालने के लिए कमर कस ली है, ऐसे में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए दिशानिर्देश' जारी किए। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के साथ-साथ हवाई अड्डों, बंदरगाहों और भूमि सीमाओं सहित प्रवेश के बिंदुओं के साथ प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है।
यह 24 दिसंबर से प्रभावी होगा
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, एक उड़ान में कुल यात्रियों के 2 प्रतिशत सब सेक्शन (sub-section of 2 per cent of the total passengers) हवाईअड्डों पर आगमन के बाद यादृच्छिक परीक्षण से गुजरेंगे। यदि पॉजिटिव पाया जाता है, तो संबंधित परीक्षण प्रयोगशाला को अनुवर्ती कार्रवाई के लिए एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम और संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के साथ रिपोर्ट की एक प्रति शेयर करनी होगी।
पॉजिटिव टेस्ट ( positive test) वाले रोगियों के नमूने समर्पित INSACOG प्रयोगशाला नेटवर्क में जीनोम परीक्षण के लिए भेजे जाने होंगे। भारत में अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार शीर्ष बिंदु यहां दिए गए हैं-
अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए कोविड दिशानिर्देश (Covid guidelines for international arrivals)-
- सभी यात्रियों को अधिमानतः उनके देश में कोविड के खिलाफ स्वीकृत टीकाकरण के अनुसार पूरी तरह से टीका लगाया जाना चाहिए।
- मास्क का प्रयोग और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहतर।
- एक उड़ान पर कुल यात्रियों का 2% आगमन पर यादृच्छिक परीक्षण से गुजरना होगा।
- समर्पित INSACOG प्रयोगशाला नेटवर्क में कोविड सकारात्मक यात्रियों के नमूने जीनोम परीक्षण के लिए भेजे जाने चाहिए।
- यात्रा के दौरान कोविड-19 के लक्षण वाले यात्रियों को मानक प्रोटोकॉल के अनुसार अलग रखा जाएगा।
- लक्षणों वाले यात्रियों को अनुवर्ती उपचार के लिए एक अलगाव सुविधा में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
- आगमन पर थर्मल स्क्रीनिंग की जानी चाहिए।
- लक्षण वाले यात्रियों को तुरंत अलग किया जाना चाहिए।
