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जुबिन गर्ग केस में अहम फैसला; अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं कीं खारिज

प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। इस दौरान जुबिन की पत्नी गरिमा गर्ग ने न्याय पूरा होने तक किसी भी आरोपी को राहत न देने की मांग की। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को निर्धारित की गई है।

Court Rejects Bail Pleas of Three Accused in Singer Zubeen Garg Death Case (Photo: PTI)

सिंगर जुबिन गर्ग मौत मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की (फोटो: PTI)

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Zubeen Garg Death Case: प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग की कथित हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को तीन आरोपियों की जमानत याचिकाओं को नामंजूर कर दिया। सुनवाई के दौरान जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा ने अदालत से आग्रह किया कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक किसी भी आरोपी को जमानत न दी जाए। विशेष लोक अभियोजक जियाउल कमर ने जानकारी दी कि कामरूप मेट्रोपोलिटन जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 13 फरवरी निर्धारित की है।

इन्होंने दिया था जमानत के लिए आवेदन

गौरतलब है कि इस प्रकरण में कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन आरोपियों जुबिन गर्ग के बैंड सदस्य अमृतप्रभा महंत और उनके निजी सुरक्षा कर्मी परेश बैश्य (पीएसओ) तथा नंदेश्वर बोरा ने जमानत के लिए आवेदन किया था। अदालत में मौजूद जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा ने जमानत याचिकाओं के खारिज होने पर संतोष जताते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि सभी आरोपियों को उचित सजा मिलने तक किसी को भी राहत न दी जाए। अभियोजन पक्ष के अनुसार अमृतप्रभा महंत पर हत्या का आरोप लगाया गया है, जबकि दोनों सुरक्षा कर्मियों पर आपराधिक साजिश रचने और सौंपे गए धन या संपत्ति के दुरुपयोग के जरिए आपराधिक विश्वासघात करने के आरोप हैं।

परिवार ने लिखा था प्रधानमंत्री मोदी को पत्र

इससे पहले जुबिन गर्ग के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले की त्वरित सुनवाई कराने की अपील की थी। पत्र में परिवार ने इस प्रकरण में आवश्यक राजनयिक और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अदालत गठित किए जाने की मांग की। इसके साथ ही यह अनुरोध भी किया गया कि जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी आरोपी को जमानत न दी जाए। जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा गर्ग, उनकी बहन पालमी बोरठाकुर और चाचा मनोज बोरठाकुर द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में कहा गया है कि गायक-संगीतकार की मृत्यु से न केवल उनका परिवार, बल्कि असम सहित पूरे देश में उनके प्रशंसक गहरे आघात में हैं। पत्र में मामले की निष्पक्षता, पारदर्शिता और न्यायपूर्ण जांच की मांग की गई है।

19 सितंबर को हुई थी घटना

परिवार ने यह भी बताया कि इस मामले की जांच असम पुलिस की सीआईडी द्वारा गुवाहाटी से की जा रही है, जबकि सिंगापुर के संबंधित अधिकारी भी अपने स्तर पर जांच में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवार दोनों देशों की जांच एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है। उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय जुबिन गर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर गए थे। इस मामले की जांच राज्य पुलिस की सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है, जिसने 12 दिसंबर को आरोप पत्र दाखिल किया। अब तक इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें चार पर हत्या का आरोप है, जबकि एक व्यक्ति के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

(इनपुट - भाषा)

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 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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