Council of Ministers: विदेश से लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम साढ़े 4 बजे दिल्ली के सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें सभी केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और भारत पर इसके संभावित आर्थिक प्रभाव पर चर्चा होने की संभावना है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच सरकार तेल की कीमतों, ईंधन आपूर्ति श्रृंखलाओं और मुद्रास्फीति से जुड़ी चिंताओं पर कड़ी नजर रख रही है। खास बात है कि यह बैठक कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं के बीच हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस बैठक के बाद कुछ बड़ा फैसला लिया जाएगा।
मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें जारी
10 जून को मोदी 3.0 सरकार की पहली वर्षगांठ से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की बढ़ती अटकलों के बीच इस बैठक ने राजनीतिक महत्व भी हासिल कर लिया है। पिछले सप्ताह, आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिया था कि फेरबदल और विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं और केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बदलाव जून के दूसरे सप्ताह में हो सकते हैं। सूत्रों ने यह भी कहा था कि सरकार का नेतृत्व किसी भी संभावित फेरबदल से पहले मंत्रालयों के कामकाज और संगठनात्मक कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रहा है।
मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने की उम्मीद है। सरकार ने संकट की निगरानी करने और भारत को दिक्कतों से बचाने के उपायों का सुझाव देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में मंत्रियों का एक उच्चस्तरीय अनौपचारिक समूह पहले ही गठित कर लिया है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी इस समूह का हिस्सा हैं। राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा था कि सरकार स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है। राजाथ सिंह ने कहा था कि चाहे कच्चा तेल हो, ऊर्जा हो या एलपीजी, आज भी हमारे पास पर्याप्त भंडार है। कोई खास समस्या नहीं है।
11 महीने बाद मंत्रिपरिषद की बैठक
मंत्रिपरिषद की ये बैठक 11 महीने बाद होने जा रही है। सेवा तीर्थ में आज शाम साढ़े चार बजे से शुरू होने वाले बैठक के करीब 4-5 घंटे चलने की संभावना है। इसमें सुधारों को लेकर करीब एक दर्जन मंत्रालय प्रजेंटेशन देंगे। ऊर्जा, वित्त, रेलवे, वाणिज्य, श्रम, कृषि, वन एवं पर्यावरण, सड़क परिवहन, परमाणु ऊर्जा, डीपीआईआईटी आदि मंत्रालयों के सचिव प्रजेंटेशन देंगे।
इससे पहले सभी मंत्रालय पिछले दो वर्षों में सुधारों के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी कैबिनेट सचिवालय को सौंप चुके हैं। ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद किया गया था। अपने मंत्रालयों द्वारा सुधारों की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देंगे साथ ही यह भी बताएंगे कि आगे सुधार किस तरह किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन होगा जिसमें सरकार के आने वाले एजेंडे के बारे में बताए जाने की संभावना है। पश्चिम एशिया के युद्ध के मद्दनेजर कई महत्वपूर्ण सुधारों पर चर्चा किए जाने की संभावना है। इससे पहले पिछले साल 4 जून को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी। 9 जून को मोदी सरकार के 12 साल पूरे हो रहे हैं। पिछले बारह वर्षों के कामकाज की रिपोर्ट भी दी जाएगी। सभी मंत्रालयों से पिछले 12 वर्षों में चलाई गई सफल योजनाओं की सूची मांगी गई है।
जानकारी के लिए: कैबिनेट बैठक आमतौर पर प्रत्येक बुधवार को होती है जिसमे सिर्फ कैबिनेट मंत्री भाग लेते हैं। जबकि मंत्री परिषद में सभी कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री हिस्सा लेते हैं।
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