देश

CoronaVirus in India: आज फिर कोरोना ने डराया, 35 हजार पार हुए एक्टिव केस , बढ़ रहा मौतों का भी आंकड़ा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 10, 2023, 11:16 AM IST

Corona cases: देश में कोरोना संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। एक बार फिर से पांच हजार से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। मौतों की संख्या में भी धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है।

Image

देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले

Photo : BCCL

covid-19 In India: देश में कोरोना संक्रमण की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। एक बार फिर से देश में पांच हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में 5880 नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ देश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। नए आंकड़ों के मुताबिक देश में अब 35199 नए कोरोना मरीज हैं।

सबसे डराने वाली बात यह है कि देश में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। बीते 24 घंटे में 12 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में चार-चार मौतें हुई हैं। इसके अलावा गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और राजस्थान में एक-एक मौतें कोरोना के कारण हुई हैं। वहीं केरल दो कोरोना मृतकों को नए आंकड़ों में जोड़ा है।

संक्रमण दर 6% के पार पहुंची

देश में कोरोना मरीज बढ़ने के साथ ही संक्रमण दर भी बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, देश में अब दैनिक संक्रमण दर बढ़कर 6.91 फीसदी पहुंच गई है। वहीं साप्ताहिक संक्रमण दर 3.67 प्रतिशत है। देश में अब कुल संक्रमित का आंकड़ा बढ़कर 4.47 करोड़ पहुंच गया है। वहीं कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 5,30, 979 हो गई है।

गर्भ में पल रहे बच्चों का कर रहा ब्रेन डेड

कोरोना को लेकर एक ताजा शोध में सामने आया है कि यह बच्चों के लिए काफी खतरनाक साबित हो रहा है। मियामी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया है कि ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें कोरोना वायरस मां के नाल को पार कर गया और उसने गर्भ में पल रहे बच्चों के ब्रेन को डेड कर दिया।

दिल्ली में संक्रमण दर 21% के पार

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना काफी खतरनाक होता जा रहा है। यहां कोरोना की संक्रमण दर 21.15 प्रतिशत पहुंच गई है। बता दें, स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में बीते 24 घंटों में 699 नए कोरोना मरीज सामने आए, वहीं चार लोगों की मौत हुई। इसी के साथ दिल्ली में एक्टिव मरीजों की संख्या भी तीन हजार के पार पहुंच गई है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article