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'नारेबाजी और व्यवधान से कोई नेता नहीं बनता', मानसून सत्र से पहले ओम बिरला का आया बड़ा बयान

Monsoon Session: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि नारेबाजी, व्यवधान और विधायी गतिरोध से कोई नेता नहीं बनता बल्कि तथ्य, तर्क और रचनात्मक विचार ही प्रभावी नेतृत्व की पहचान हैं।

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (फोटो साभार: @ombirlakota)

Photo : Twitter

Monsoon Session: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि नारेबाजी, व्यवधान और विधायी गतिरोध से कोई नेता नहीं बनता बल्कि तथ्य, तर्क और रचनात्मक विचार ही प्रभावी नेतृत्व की पहचान हैं। बिरला ने कोलकाता में लोकसभा सचिवालय के 'पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज' (प्राइड) और पश्चिम बंगाल विधानसभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि विधानमंडल चर्चा, विचार-विमर्श और समाधान का मंच है तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की वास्तविक शक्ति सार्थक संवाद, परस्पर सम्मान और जनकल्याण के प्रति साझा प्रतिबद्धता में निहित है। उन्होंने विधायकों से संवाद की गुणवत्ता को समृद्ध करने और सदन की चर्चाओं को जनहित तथा राज्य के विकास से जोड़ने का आह्वान किया।

क्या कुछ बोले ओम बिरला?

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को समाज के अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति की आवाज बनना चाहिए और जनता की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं तथा सपनों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही निर्वाचित प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी शक्ति है और उनका दायित्व है कि वे लोगों की समस्याओं, चुनौतियों और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से सदन में उठाएं।

बिरला ने कहा कि विधानसभा सदस्य केवल अपने निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विकास और भविष्य के सहभागी भी हैं। उन्होंने उनसे व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और पश्चिम बंगाल को नयी दिशा देने वाली नीतियों तथा विकासोन्मुखी पहल में योगदान देने का आह्वान किया।

    स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी युवाओं और नेतृत्व दोनों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह संदेश देते हैं कि समर्पण, चरित्र और समाज के प्रति प्रतिबद्धता से परिवर्तनकारी बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि बंगाल की समृद्ध आध्यात्मिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत ने सदैव देश का मार्गदर्शन किया है। कार्यक्रम के समापन सत्र में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने समापन उद्बोधन दिया।

    इस बीच, कोलकाता में कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में बिरला ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा से संबंधित रिपोर्ट मानसून सत्र में लोकसभा में पेश की जायेगी। वर्मा को हटाने के आधारों की जांच के लिए तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। यह मामला पिछले साल वर्मा के राष्ट्रीय राजधानी स्थित आवास से जली हुई नकदी मिलने से जुड़ा है। इस घटना के समय वह दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे और बाद में उनका तबादला इलाहाबाद उच्च न्यायालय कर दिया गया था। लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले वर्ष 12 अगस्त को वर्मा को हटाने के लिए बहुदलीय नोटिस स्वीकार करने के बाद इस समिति का गठन किया था। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा।

    Anurag Gupta
    अनुराग गुप्ताauthor

    अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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