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'संवैधानिक संस्थाओं को कर रहे हैं नष्ट...' भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

Rahul Gandhi: निशिकांत दुबे ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में विसंगतियों का आरोप लगाने वाली याचिका खारिज करने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा।

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निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर साधा निशाना

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Nishikant Dubey: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में विसंगतियों का आरोप लगाने वाली याचिका खारिज करने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट कर रही है। भाजपा सांसद ने X पर लिखा कि कल सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी और देशद्रोहियों से सांठगांठ के आरोपों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस याचिका से अदालत का समय बर्बाद हुआ है। सुप्रीम कोर्ट को मतदाता सूची, मतदाताओं और मतदान प्रक्रिया में कोई विसंगति नहीं मिली। एक्स पोस्ट में लिखा गया है कि कांग्रेस का खेल बांग्लादेशी और संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करने पर आधारित है, तो सुप्रीम कोर्ट क्या है? अगर राहुल गांधी कुछ कहते हैं, तो वही सच है, किसी खाते या बहीखाते की जरूरत नहीं है।

राहुल गांधी ने लगाया था वोट चोरी का आरोप

इससे पहले, राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनावों में बार-बार वोट चोरी का आरोप लगाया था और राज्य में मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि का आरोप लगाया था खासकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दक्षिण-पश्चिम नागपुर सीट पर। दुबे की यह टिप्पणी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवंबर 2024 में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में विसंगतियों का आरोप लगाने वाली याचिका को खारिज करने के बाद आई है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन.कोटिस्वर सिंह की पीठ ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के जून 2025 के आदेश के खिलाफ चेतन चंद्रकांत अहिरे द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। अहिरे ने इस आरोप के आधार पर चुनाव परिणामों को शून्य घोषित करने की मांग की कि शाम छह बजे मतदान समाप्त होने के बाद लगभग 75 लाख फर्जी मतदाताओं ने वोट डाले। उन्होंने मांग की कि मतदान प्रक्रिया में कथित उल्लंघन के कारण राज्य के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों के परिणामों को रद्द कर दिया जाए। याचिकाकर्ता ने आधिकारिक समय के बाहर डाले गए मतों का निर्वाचन क्षेत्रवार ब्यौरा देने तथा सफल उम्मीदवारों के निर्वाचन प्रमाण-पत्र रद्द करने की भी मांग की। उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि याचिका पूरी तरह से एक अखबार की रिपोर्ट पर आधारित है, इसमें काल्पनिक और निराधार दावे हैं और यह कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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