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मलखान सिंह के रसूख एवं लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहती है कांग्रेस, चंबल की इन सीटों पर नजर

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Aug 10, 2023, 12:08 PM IST

Malkhan Singh News : बीहड़ में दाखिल होने के बाद उन्होंने चचेरे भाइयों एवं गांव के कुछ लोगों के साथ अपना गिरोह खड़ा किया। फिर धीरे-धीरे उनका यह गिरोह बढ़ता गया। एक समय यह भी आया जब मलखान सिंह का गिरोह चंबल-ग्वालियर क्षेत्र का सबसे बड़ा गैंग बन गया। ​​साल 1982 में मलखान सिंह और उनके गिरोह ने मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल में सरेंडर कर दिया।

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बुधवार को कांग्रेस में शामिल हुए मलखान सिंह।

Photo : ANI

Malkhan Singh News : चंबल में करीब एक दशक तक राज करने वाले पूर्व डकैत मलखान सिंह बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने दावा किया है कि वह जबलपुर-चंबल इलाके से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उखाड़ फेकेंगे। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन थामने वाले मलखान सिंह चंबल एवं ग्वालियर क्षेत्र में अच्छी पकड़ मानी जाती है।

सिद्धांतों एवं वसूलों पर चलने वाले मलखान सिंह डाकू रहते हुए असहायों एवं गरीबों पर जुल्म नहीं किया। अन्याय एवं अत्याचार करने वालों को कभी माफ नहीं किया। डकैत की उनकी इस शैली को चंबल इलाके में लोगों ने पसंद किया। उनकी लोकप्रियता आज भी लोगों के बीच बनी हुई है। कांग्रेस को लगता है कि वह मलखान सिंह के जरिए चंबल क्षेत्र में भाजपा पर बढ़त बना सकती है।

कौन हैं मलखान सिंह

मलखान सिंह के बारे में बताया जाता है कि गांव के मंदिर की 100 बीघा जमीन के लिए वह डाकू बन गए। वह वसूलों पर चलने वाले डाकू थे। उनके गिरोह का कोई डाकू किसी महिला को बुरी नजर से देख नहीं सकता था। वह 1970 के दशक में चंबल की बीहड़ में दाखिल हुए और करीब 13 साल तक बंदूक एवं दहशत के दम पर अपने नाम का लोहा मनवाते रहे। बीहड़ में दाखिल होने के बाद उन्होंने चचेरे भाइयों एवं गांव के कुछ लोगों के साथ अपना गिरोह खड़ा किया। फिर धीरे-धीरे उनका यह गिरोह बढ़ता गया। एक समय यह भी आया जब मलखान सिंह का गिरोह चंबल-ग्वालियर क्षेत्र का सबसे बड़ा गैंग बन गया। साल 1982 में मलखान सिंह और उनके गिरोह ने मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कार्यकाल में सरेंडर कर दिया।

भाजपा पर बोला हमला

अपनी नई सियासी पारी की शुरुआत करते समय मलखान सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह आज भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले वह भाजपा के साथ थे और उसके लिए प्रचार किया। पूर्व डाकू ने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि जितना भ्रष्टाचार भाजपा ने बीते 20 सालों में किया है राज्य का उतना नुकसान कांग्रेस ने 50 सालों में नहीं किया। मलखान सिंह ने कहा कि वह अत्याचार एवं जुल्म के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और अपने वसूलों से समझौता नहीं करेंगे।

40 सीटों पर असरदार हैं मलखान सिंह

समझा जाता है कि कांग्रेस उन्हें भिंड के किसी सीट से चुनाव मैदान में खड़ा कर सकती है। मलखान सिंह खंगार समाज से आते हैं। शिवपुरी, भिंड, दतिया और बुंदेलखंड के इलाके में इस समाज का प्रभाव है। चुनावी जानकारों का कहना है कि इस क्षेत्र की 40 सीटों पर खंगार समाज का अच्छा वोट बैंक है। इस बिरादरी में मलखान सिंह की अच्छी पकड़ है। इस इलाके में कांग्रेस मलखान सिंह की लोकप्रियता को भुनाना चाहती है। वैसे परंपरागत रूप से खंगार समाज भाजपा का वोट बैंक रहा है लेकिन मलखान सिंह के कांग्रेस में आने से वोटों का अंकगणित इस बार बदल सकता है।

'ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से भाजपा को उखाड़ फेकेंगे'

मलखान सिंह ने पत्रकारों से कहा कि वह हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़े और भाजपा के लिए प्रचार किया था।

उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के शासन पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने लोगों में आतंक पैदा किया है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद मलखान सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से भाजपा को उखाड़ फेकेंगे। कांग्रेस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि शिक्षा विभाग के पूर्व अधिकारी संतोष शर्मा भी 1,200 समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल हुए।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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