राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा कांग्रेस में लगातार घमासान देखने को मिल रहा है। राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी और चार विधायकों के वोट रद्द हो गए थे। ये 9 विधायक कौन है, इसकी जानकारी अभी तक पार्टी ने नहीं दी है इसीलिए अलग-अलग विधायकों के नाम को लेकर अटकल बाजी की जा रही है। इसी से आहत होकर कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी आज अपनी ही पार्टी के कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए, उन्होंने कहा की हमें अपने क्षेत्र में जनता को जवाब भी देना है हमें शक की नजरों से देखा जा रहा है। इसीलिए पार्टी को उन सभी विधायकों के नाम सार्वजनिक कर देने चाहिए जिन विधायकों ने क्रॉस वोट किया है या जिनके वोट रद्द हुए हैं, क्योंकि राज्यसभा चुनाव में यह नियम होता है कि वोट डालने के बाद पार्टी के पोलिंग एजेंट को अपना वोट दिखाना होता है इसलिए पार्टी के बड़े नेताओं को नाम पता है लेकिन अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
बैनर-पोस्टर लेकर चंडीगढ़ पार्टी मुख्यालय पहुंचे विधायक
सुबह ठीक 10 बजे गोकुल सेतिया बैनर पोस्टर लेकर चंडीगढ़ में पार्टी मुख्यालय के सामने पहुंचे उन्होंने कहा कि मैं यहां पर मांग करने आया हूं कि जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है और जो वोट हमारे रद्द हुए हैं उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। मेरे ऊपर भी उंगली उठाई गई है मेरा नाम भी चर्चाओं में है इसलिए दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए । हम चुने हुए प्रतिनिधि हैं मुझे अपने क्षेत्र में जाकर जनता को जवाब भी देना है। मेरी सभी बड़े नेताओं के साथ बात हुई है और मेरी मांग है कि नाम सार्वजनिक किए जाएं। कांग्रेस विधायक मंजू चौधरी ने भी क्रॉस वोट करने वाले और जिन विधायकों के वोट रद्द हुए हैं उनके नाम सार्वजनिक किए जाने की मांग की।
भूपेंद्र हुड्डा ने संभाला मोर्चा
इसके बाद दोनों विधायकों को धरने से उठाने के लिए नेता विपक्ष और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पार्टी कार्यालय पहुंचे और दोनों विधायकों को धरने से उठाया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जिन लोगों के वोट क्रॉस हुए हैं उनके नाम आला कमान को भेज दिए गए हैं पार्टी हाई कमान उनके खिलाफ एक्शन लेगी। गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी को क्लीन चिट देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा इनका वोट क्रॉस नहीं हुआ है।
