Congress Protest Against ED: नेशनल हेराल्ड जमीन मामले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दायर करने के मामले में कांग्रेस ने देशभर में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी राज्य मुख्यालयों पर ईडी कार्यालय के सामने और संबंधित राज्यों में जिला स्तर पर केंद्र सरकार के कार्यालयों के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है।
अकबर रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर भारी सुरक्षा तैनात की गई है। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, हम जनता के बीच जाना चाहते हैं, क्योंकि जनता से बड़ा कोई नहीं है। हम चाहते हैं कि लोग समझें कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ फर्जी चार्जशीट दर्ज की गई है, जो पूरी तरह से निराधार और अवैध है। वहीं, कांग्रेस नेता अमित चावड़ा ने कहा कि यह सब लोगों का ध्यान देश के असली मुद्दों से हटाने और विपक्ष को धमकाने के लिए किया जा रहा है। विपक्ष को दबाने के लिए ईडी, सीबीआई जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कांग्रेस ने घोषणा की थी कि 16 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय के राज्य मुख्यालयों और जिला स्तर के केंद्र सरकार के कार्यालयों के सामने केंद्र के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान जारी कर सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों से मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे कथित राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ विरोध करने का आह्वान किया।
कांग्रेस ने बताया राज्य प्रायोजित अपराध
बयान में उन्होंने लिखा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मोदी सरकार द्वारा नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को मनमाने और अन्यायपूर्ण तरीके से जब्त करने और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने के कदम की स्पष्ट रूप से निंदा करती है। यह कानूनी प्रक्रिया का मामला नहीं है; यह कानून के शासन के रूप में एक राज्य प्रायोजित अपराध है। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य पार्टी नेताओं के खिलाफ दायर की गई शिकायत सत्ता का भयावह दुरुपयोगहै।
उन्होंने लिखा, यह लोकतांत्रिक विपक्ष के विचार पर सीधा हमला है, सत्ताधारी शासन द्वारा राजनीतिक धमकी देने का एक भद्दा प्रयास है। यह बदले की राजनीति के अलावा और कुछ नहीं है। वेणुगोपाल ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी चुप नहीं रहेगी और वे सत्य, न्याय और लोकतंत्र के मूल्यों के लिए लड़ेंगे। उन्होंने सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों 16 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
ED ने अपने आरोपपत्र में क्या-क्या कहा
ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में अपने आरोपपत्र में कहा है कि कांग्रेस नेताओं ने इसकी मूल कंपनी एजेएल की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए आपराधिक साजिश रची थी और इसके लिए उन्होंने 99 प्रतिशत शेयर महज 50 लाख रुपये में अपनी उस निजी कंपनी यंग इंडियन को हस्तांतरित कर दिए, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी बहुलांश शेयरधारक हैं। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत दायर अभियोजन शिकायत में संघीय जांच एजेंसी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को आरोपी संख्या एक और उनके बेटे एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आरोपी संख्या दो बनाया है।
9 अप्रैल को दाखिल ईडी के आरोपपत्र में अन्य आरोपियों में कांग्रेस नेता सुमन दुबे और सैम पित्रोदा दो कंपनियां यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और (डोटेक्स मर्चेंडाइज के) सुनील भंडारी शामिल हैं। ईडी ने पीएमएलए की धाराओं 44 और 45 के तहत धनशोधन के अपराध को अंजाम देने के साथ ही धारा 70 (कंपनियों द्वारा अपराध) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है। ईडी ने पीएमएलए की धारा चार के तहत आरोपियों के लिए सजा की मांग की है। इस धारा के तहत सात साल तक जेल हो सकती है। अदालत ने मामले की सुनवाई 25 अप्रैल को तय की है।
यह संभवतः पहली बार है जब ईडी का धनशोधन मामला अधीनस्थ अदालत द्वारा एक निजी शिकायत का संज्ञान लेने और उसके बाद मुकदमा शुरू करने के लिए आरोपियों को समन जारी करने से उपजा है। एजेंसी आमतौर पर पीएमएलए के तहत, अधिनियम की अनुसूची ए और बी में सूचीबद्ध अपराध का संज्ञान लेती है।
