अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार योगी सरकार और भाजपा को घेर रहा है। सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अगर राम मंदिर के चंदे में गड़बड़ी हुई है तो क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री कार्यालय के खिलाफ भी बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी?
रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पवन खेड़ा ने कहा कि राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कामकाज की निगरानी में आरएसएस और पीएमओ की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अगर दान में कथित अनियमितताओं के आरोप सही हैं, तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या बुलडोजर कार्रवाई केवल आम लोगों तक सीमित रहेगी या फिर जिम्मेदार संस्थाओं पर भी होगी।
SBI की सिफारिश का भी किया जिक्र
इस दौरान पवन खेड़ा ने दावा किया कि भारतीय स्टेट बैंक ने करीब तीन महीने पहले अयोध्या में दान गणना केंद्र पर तैनात अधिकारियों को हटाने की सिफारिश की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसी सिफारिश की गई थी तो संबंधित अधिकारियों को अब तक क्यों नहीं हटाया गया और उन्हें कौन बचा रहा है।'अयोध्या की लूट सिर्फ झांकी है'
इस दौरान कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राम मंदिर दान मामले में सामने आए आरोप गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या की लूट तो सिर्फ एक झांकी है, काशी और मथुरा अभी बाकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले पर जवाब देने से बच रही है।
यूसीसी और दूसरे मुद्दों पर भी साधा निशाना
इस दौरान पवन खेड़ा ने पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़े संभावित विधेयक की चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मुद्दे केवल अयोध्या राम मंदिर दान विवाद से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उठाए जा रहे हैं।विदेश नीति पर भी उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर पूछे गए सवाल के जवाब में खेड़ा ने कहा कि अमेरिका लगातार भारत का अपमान कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर चुप है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को हमें उन लोगों की सूची देनी चाहिए, जिनसे वे डरते हैं और जिनसे नहीं डरते।
