देश

कांग्रेस ने गौरव गोगोई को लोकसभा में बनाया डिप्टी लीडर, स्पीकर का चुनाव लड़ने वाले नेता को भी मिला बड़ा पद

Congress appoints Gaurav Gogoi: कांग्रेस पार्टी लोकसभा में गौरव गोगोई को उपनेता नियुक्त किया है। वरिष्ठ सांसद कोडिकुन्निल सुरेश को पार्टी का मुख्य सचेतक और सांसद मणिकम टैगोर व डॉ. मोहम्मद जावेद को सचेतक नियुक्त किया गया है।

Image

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई।

Photo : BCCL

Congress appoints Gaurav Gogoi: कांग्रेस ने पार्टी ने सांसद गौरव गोगोई को लोकसभा में डिप्टी लीडर नियुक्त किया है। इस बाबत कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल की ओर से जानकारी साझा की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बताया कि सोनिया गांधी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के लिए उपनेता, मुख्य सचेतक तथा दो सचेतकों की नियुक्ति के बारे में सूचित किया है।

केसी वेणुगोपाल ने आगे बताया कि वरिष्ठ सांसद कोडिकुन्निल सुरेश को पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है। उन्होंने हाल ही में लोकसभा स्पीकर का चुनाव भी लड़ा था। वहीं, सांसद मणिकम टैगोर और डॉ. मोहम्मद जावेद को सचेतक नियुक्त किया गया है।

कौन हैं गौरव गोगोई?

गौरव गोगोई पिछली लोकसभा में भी कांग्रेस पार्टी के उपनेता थे। वह अक्सर लोकसभा में होने वाली बहसों में कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखते दिखाई देते हैं। गौरव गोगोई असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे है। इस बार असम की जोरहाट सीट से गौरव गोगोई ने भाजपा के तपन कुमार गोगोई को 144393 वोट के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की थी।

आठवीं बार लोकसभा पहुंचे हैं के सुरेश

वहीं, अगर के सुरेश की बात करें तो वह वर्तमान लोकसभा में सबसे वरिष्ठ सांसद हैं। वह आठवीं बार जीत हासिल करके लोकसभा पहुंचे हैं। 18वीं लोकसभा में इंडिया गठबंधन की तरफ से उन्हें स्पीकर पद का उम्मीदवार भी बनाया गया था। के सुरेश केरल के मानेलिकारा सीट से कांग्रेस सांसद हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article