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'ना का मतलब ना', बिना मर्जी पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना क्राइम; शशि थरूर ने पेश किया निजी विधेयक

थरूर ने कहा भारत को अपने संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए और 'ना का मतलब ना' से 'सिर्फ़ हां का मतलब हां' होने की ओर बढ़ना चाहिए। हर महिला को विवाह संबंध के दायरे में शारीरिक स्वायत्तता और गरिमा का मौलिक अधिकार मिलना चाहिए।

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पत्नी से जबरन शारीरिक संबंध क्राइम-शशि थरूर (फोटो-@ShashiTharoor)

दिल्ली : कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव वाला एक निजी विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया और इस बात पर जोर दिया कि भारत को अपने संवैधानिक मूल्यों को कायम रखना चाहिए। तिरुवनंतपुरम से सांसद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में डालने की तत्काल आवश्यकता है और उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में संशोधन के लिए निजी विधेयक पेश किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को अपने संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना चाहिए और 'ना का मतलब ना' से 'सिर्फ़ हां का मतलब हां' होने की ओर बढ़ना चाहिए। हर महिला को विवाह संबंध के दायरे में शारीरिक स्वायत्तता और गरिमा का मौलिक अधिकार मिलना चाहिए। अब कार्रवाई का समय आ गया है।

थरूर ने दो अन्य गैर सरकारी विधेयक भी पेश किए जो व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 में संशोधन तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुनर्गठन की सिफारिश केंद्र को करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पुनर्गठन आयोग की स्थापना से संबंधित हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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