Maharashtra Congress MLA: विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ने जा रही है। उसे न चाहते हुए भी ऐसा फैसला लेना है जो उस पर भारी पड़ सकता है। मामला हालिया विधान परिषद चुनाव से जुड़ा हुआ है। इस चुनाव में पार्टी के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी जिसके कारण एमवीए उम्मीदवार को हार मिली थी। इसे देखते हुए 7 विधायकों के खिलाफ पार्टी निलंबन का फैसला ले सकती है। इन पर महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में क्रॉस वोटिंग कर पार्टी के साथ गद्दारी करने का आरोप।
7 विधायकों पर गिरेगी गाज
महाराष्ट्र के कई कांग्रेसी नेताओं की मांग है कि इन 7 विधायकों का निलंबन किया जाए। कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला 19 तारीख को मुंबई में पार्टी के विधायकों के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक में इन 7 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया जा सकता है। दरअसल, कांग्रेस पार्टी की ओर से अपने उम्मीदवार प्रज्ञा साटव के लिए 30 वोट तैयार किए गए थे जिसमें 25 वोट उन्हें मिले जबकि 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।
कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग
इसके अलावा शिवसेना UBT उम्मीदवार मिलिंद नार्वेकर के लिए 7 वोटों में से 5 उन्हें मिले, जबकि 2 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। इस तरह से कुल 7 कांग्रेसी विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की जिससे गठबंधन के एक उम्मीदवार को हार मिली। इस हार से एमवीए गठबंधन को बड़ा झटका लगा जो चुनाव में अपनी जीत के बढ़-चढ़ कर दावे कर रहा था। गठबंधन नेताओं का दावा था कि महायुति के विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे और एनडीए को झटका लगेगा। लेकिन जब नतीजे आए तो तस्वीर पूरी तरह बदली हुई थी।
महायुति ने 9 सीटें जीतीं
महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में एनडीए के दलों के सभी उम्मीदवार जीत गए थे। कांग्रेस को एक बार फिर झटका लगा जिसके कारण विपक्षी पार्टी सिर्फ दो सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में 11 में से नौ सीटें जीतकर अपना हौसला मजबूत किया। महायुति में भाजपा, सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना और डिप्टी सीएम अजीत पवार की एनसीपी शामिल है। लोकसभा चुनाव में झटका खाए महायुति के लिए ये जीत हौसला बढ़ाने वाली रही जो आगामी विधानसभा चुनाव में उसके काम आएगी
