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लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा गेम प्लान, सोनिया गांधी जाएंगी राज्यसभा! प्रियंका के नाम पर भी हो रहा विचार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jan 30, 2024, 05:31 PM IST

Sonia Gandhi: 2018 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को राज्यसभा भेजा गया था। अब उनका कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इस सीट से सोनिया या प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने की तैयारी है।

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सोनिया गांधी

Photo : Twitter

Sonia Gandhi: 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नई रणनीति में जुट गई है। अटकलें हैं कि सोनिया गांधी या प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजा जा सकता है। इसके संकेत हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने दिए हैं। मंगलवार को उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल खत्म होने वाला है, जिसके बाद इससोराज्यसभा सीट से सोनिया गांधी या प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजा जा सकता है। बता दें, नड्डा का छह साल का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है।

प्रतिभा सिंह ने कहा, हम कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के साथ चर्चा करेंगे, और यदि वे चाहेंगे तो यह सीट उनके पास जा सकती है। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। बता दें, सोनिया गांधी ने 2019 में अपनी पारंपरिक रायबरेली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था। वहीं प्रियंका गांधी अभी तक संसद के किसी भी सदन की सदस्य नहीं रही हैं।

2018 में नड्डा को भेजा गया था राज्यसभा

बता दें, 2018 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को राज्यसभा भेजा गया था। अब उनका कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। वहीं, 2022 में हुए विधानसभा में कांग्रेस ने भाजपा को हराकर जीत हासिल की थी। 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 40 विधायक हैं। ऐसे में यहां से राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार की जीत तय मानी जा रही है। बता दें, चुनाव आयोग ने जिन 56 सीटों पर राज्यसभा चुनाव की घोषणा की है, उसमें हिमाचल प्रदेश भी शामिल है।

कर्नाटक से भी राज्यसभा चुनाव लड़ाने की अटकलें

हिमाचल प्रदेश के अलावा कर्नाटक से भी सोनिया गांधी को राज्यसभा चुनाव लड़ाने की अटकले हैं। हालांकि, कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख डीके शिवकुमार ने मंगलवार को ऐसी खबरों का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। बता दें, मीडिया के एक वर्ग में ऐसी खबरें आई हैं कि सोनिया गांधी आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकतीं और उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा सीट दी जा सकती है। उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने ऐसी खबरों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ऐसी सभी सूचनाएं झूठी हैं, ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, सोनिया गांधी ने 1999 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के बेल्लारी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता दिवंगत सुषमा स्वराज को हराकर जीत हासिल की थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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