Congress Slams Kejriwal: दिल्ली के कथित आबकारी घोटाले मामले में आम आदमी पार्टी के सबसे 'खास' नेता और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सलाखों के पीछे हैं। जेल में रहते हुए भी केजरीवाल मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने हुए हैं। उनके इस्तीफे की मांग तेज हो रही है। भारतीय जनता पार्टी लगातार आप पर हमलावर है। भाजपा तो भाजपा अब कांग्रेस पार्टी ने भी केजरीवाल को इस्तीफा देने की सलाह दी है।
कांग्रेस की सलाह- केजरीवाल को दे देना चाहिए इस्तीफा
कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने शनिवार को कहा कि आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अरविंद केजरीवाल को नैतिक आधार पर दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। आम आदमी पार्टी (आप)के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को बृहस्पतिवार रात को दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने को लेकर अड़िग हैं। निरुपम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से गुजर रहे हैं। इंसानियत के नाते उनके प्रति सहानुभूति है। कांग्रेस पार्टी ने भी उन्हें सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है। लेकिन वे भारतीय राजनीति में नैतिकता की जो नई परिभाषा लिख रहे हैं,उसने मुझे यह पोस्ट लिखने के लिए मजबूर कर दिया।'
आडवाणी, सिंधिया और कमलनाथ का दिया उदाहरण
उन्होंने लिखा, 'एक समय था जब एक हवाला कारोबारी जैन की कथित डायरी में अडवाणी जी, माधवराव सिंधिया और कमलनाथ जैसे नेताओं के नाम आए थे और उनपर रिश्वत लेने के आरोप लगे,तब उन्होंने नैतिकता के आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। लाल बहादुर शास्त्री ने एक ट्रेन दुर्घटना पर इस्तीफा दे दिया था।' निरुपम ने लिखा, 'अभी हाल में जब वे ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ का तमाशा पूरे देश को दिखा रहे थे तब यूपीए (कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के मंत्रियों ने भ्रष्टाचार के छिछले आरोपों पर भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। कुछ महीने पहले की बात है,झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गिरफ़्तारी से पहले पद छोड़कर एक नैतिक आचरण पेश किया था।'
कांग्रेस ने केजरीवाल से पूछा- यह कैसी नैतिकता है?
उन्होंने कहा, 'हजारों साल पीछे जाएं तो अपने पिता के वचन के लिए राम ने राजपाट त्याग दिया था। जिसके लिए राजपाट छीना गया था,वह कभी भी राजा रामचंद्र के सिंहासन पर नहीं बैठे,बल्कि खड़ाऊं रखकर तब तक राज चलाया जब तक उनके बड़े भाई राम लौटे नहीं। भारत की ऐसी समृद्ध परंपरा रही है।' निरुपम ने कहा, 'दिल्ली के शराब घोटाले की सच्चाई क्या है,इसका फैसला अदालत को करना है। पर एक मुख्यमंत्री पर इस घोटाले में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। उनकी गिरफ़्तारी हुई है। वे कस्टडी में हैं और मुख्यमंत्री के पद से अभी तक चिपके हुए हैं? यह कैसी नैतिकता है? उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।'
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की राजनीति में महज़ 11 साल पुरानी पार्टी राजनीति के पूरी तरह अनैतिक हो जाने की एक मिसाल पेश कर रही है। उन्होंने कहा, 'हम अपने-अपने राजनीतिक कुनबे के हिसाब से पूरी घटना पर स्टैंड ले रहे हैं,पर खतरा यह है कि केजरीवाल जी की अपनी कुर्सी से चिपके रहने की ज़िद आगे जाकर भारतीय राजनीति को और खोखला कर देगी। इस खतरे को राजनीति से ऊपर उठकर भांपने की आवश्यकता है।'
भाजपा ने मुख्यमंत्री बने रहने को लेकर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गिरफ्तारी के बावजूद अरविंद केजरीवाल के दिल्ली का मुख्यमंत्री बने रहने की आलोचना करते हुए शनिवार को कहा कि यह देश के राजनीतिक इतिहास का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण क्षण और सबसे घटिया राजनीति है। आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं द्वारा अपने नेता (केजरीवाल) का जोरदार तरीके से बचाव करने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कटाक्ष किया कि वे (आप नेता) अब मुख्यमंत्री बनने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं लेकिन उनकी (केजरीवाल की) पत्नी भी अब इस दौड़ में शामिल हो गई हैं।
केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने शनिवार को पहली बार एक संदेश पढ़ा जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जिंदगी का प्रत्येक क्षण देश की सेवा के लिए समर्पित रहा है। ठाकुर ने संगरूर में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से कम से कम 20 लोगों की मौत पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पूरी आम आदमी पार्टी किसी न किसी शराब से संबंधित घोटाले में डूब गई है। भाजपा नेता ने केजरीवाल के प्रति विपक्षी दलों द्वारा एकजुटता दिखाने को ‘‘चोर चोर मौसेरे भाई’’ की तरह बताया और कथित शराब घोटाले पर उनके खिलाफ कांग्रेस की पिछली शिकायत का हवाला देते हुए पार्टी (कांग्रेस) द्वारा उन्हें समर्थन देने पर सवाल उठाया।
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