Congress Agitation: दिल्ली में आज कांग्रेस का प्रदर्शन होने जा रहा है, इसके साथ ही CJP भी अपना प्रतिनिधिमंडल आंदोलन की अनुमति के लिए संसद मार्ग थाने भेजेगी। खास तौर पर कांग्रेस बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है और इन सब के बीच दिल्ली को अभेद किले में तब्दील किया गया है। जगह-जगह पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और पैरामिलिट्री के जवानों को तैनात किया गया है। कोशिश यही है कि कानून व्यवस्था न बिगड़े। नई दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू है, ऐसे में किसी को भी इकट्ठा होने की और नारेबाजी या प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
DMRC ने 6 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का फैसला लिया
वहीं, राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शन के बीच और आज कांग्रेस के प्रदर्शन को ले कर DMRC ने 6 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का निर्णय लिया है, जिन स्टेशन को बंद रखा जाएगा वो हैं पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सीक्रेटेरिएट और बाराखंबा। सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक ये स्टेशन बंद रहेंगे। ऐसे में लोगों को अगर इधर जाना है तो वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। आज CJP ने भी परमिशन की मांग के लिए संसद मार्ग थाने जाने का ऐलान किया है ऐसे में देखना होगा कि क्या हालत बनते हैं।
CJI ने मिलने से किया इनकार
उधर, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, CJI कार्यालय की ओर से राहुल गांधी को उनके आधिकारिक ईमेल पर जवाब भेजा गया है। इस जवाब में मुलाकात का समय नहीं देने के पीछे कानूनी और संवैधानिक कारण बताए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी नेता कथित चुनावी अनियमितताओं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मुद्दों को CJI के सामने उठाना चाहते थे। हालांकि, CJI कार्यालय ने कहा है कि इन मुद्दों को ज्ञापन के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाया जा सकता है।
क्यों नहीं मिला प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय?
सूत्रों के मुताबिक, CJI कार्यालय की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि SIR से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक पक्ष में पहले से विचाराधीन है और CJI जस्टिस सूर्यकांत स्वयं इस मामले की सुनवाई करने वाली पीठ की अध्यक्षता कर रहे हैं। जवाब में यह भी कहा गया है कि ऐसी स्थिति में CJI प्रशासनिक पक्ष में मुलाकात के बाद कोई निर्देश जारी नहीं कर सकते। इसलिए मामले पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचार किया जाना उचित होगा।
राहुल गांधी और खरगे याचिका दाखिल कर सकते हैं
सूत्रों के अनुसार, CJI कार्यालय ने विपक्षी नेताओं को संबंधित मुद्दों पर याचिका दाखिल करने का विकल्प दिया है। अगर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य नेता इस मामले में अपनी बात रखना चाहते हैं, तो वे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
