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प्रश्नपत्र लीक को लेकर अदालतों को ‘फास्ट-ट्रैक' घोषित करना पर्याप्त नहीं, ओडिशा पेपर लीक पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला

कांग्रेस ने ओडिशा में स्नातकोत्तर परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर व्हाट्सऐप पर वायरल होने के मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि केवल कड़ी सजा और फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यावसायीकरण और भ्रष्टाचार पर व्यापक चर्चा की जरूरत बताते हुए मोदी सरकार पर परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सुधार नहीं करने का आरोप लगाया।

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ओडिशा पेपर लीक पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला। AI IMAGE

कांग्रेस ने ओडिशा में स्नातकोत्तर परीक्षा के प्रश्नपत्र के कथित तौर पर व्हाट्सऐप पर प्रसारित होने की घटना का हवाला देते हुए शुक्रवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में केवल कड़ी सजा का प्रावधान करना या अदालतों को ’फास्ट-ट्रैक’ घोषित करना पर्याप्त नहीं है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यावसायीकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ’’व्यापक और ईमानदार संवाद’’ की जरूरत है।

रमेश ने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वर्ष 2024 में भी कांग्रेस का यही रुख था और अब 2026 में भी उसका लगातार यही कहना है कि प्रश्नपत्र लीक की समस्या से निपटने के लिए केवल कड़ी सजा का प्रावधान करना या विशेष अदालतों को ’फास्ट-ट्रैक’ बनाना पर्याप्त नहीं है।

'फास्ट-ट्रैक कानून से नहीं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार से निकलेगा समाधान'

कांग्रेस नेता ने कहा, ’’प्रधानमंत्री अपने रील बनाने के कौशल को निखारने में लगे हैं और मोदी सरकार संसद के जरिये फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों पर दिखावे वाला कानून जल्दबाजी में पारित कर रही है, वहीं एक और प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आई है, इस बार पूर्व शिक्षा मंत्री प्रधान के गृह राज्य ओडिशा से।’’ उन्होंने दावा किया कि ओडिशा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्नातकोत्तर परीक्षा का प्रश्नपत्र 27 जुलाई को परीक्षा जारी रहने के दौरान ही व्हाट्सऐप पर प्रसारित होता पाया गया।

रमेश ने कहा कि पार्टी का लगातार यह रुख रहा है कि प्रश्नपत्र लीक के लिए केवल सजा बढ़ाने और अदालतों को ’फास्ट-ट्रैक’ करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा, ’’हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था के व्यावसायीकरण और भ्रष्टाचार पर बड़ी, अधिक ईमानदार बातचीत करने की जरूरत है। यही छात्र आंदोलन की भावना थी, जिसका मोदी सरकार को सम्मान करना चाहिए।’’ रमेश की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब संसद के वर्तमान मानसून सत्र में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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